संडीला कोतवाली क्षेत्र में ऑनर किलिंग (सम्मान के नाम पर हत्या) की एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात
18 वर्षीय युवती के बिना बताए घर से जाने से नाराज हो पिता, ताऊ व ताई ने मिलकर बेरहमी से पीट-पीटकर की हत्या
हरदोई/संडीला। उत्तर प्रदेश के हरदोई अंतर्गत संडीला कोतवाली क्षेत्र में ऑनर किलिंग (सम्मान के नाम पर हत्या) की एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ एक 18 वर्षीय युवती के बिना बताए घर से जाने से नाराज होकर पिता, ताऊ और ताई ने मिलकर उसकी बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी। वारदात को छुपाने के लिए आरोपियों ने शव को सर्पदंश (सांप के काटने) और आत्महत्या का रूप देने की खौफनाक साजिश भी रची। हालांकि, मृतका की माँ की हिम्मत के आगे यह साजिश नाकाम हो गई। पुलिस ने माँ की तहरीर पर केस दर्ज कर मुख्य आरोपी पिता सहित चार लोगों को जेल भेज दिया है।
घटना संडीला कोतवाली क्षेत्र के समदखेड़ा गांव की है। मृतका शुभी (18 वर्ष) की माँ मिथिलेशा द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, शुभी बीते 3 जून की रात करीब 12 बजे बिना बताए कहीं चली गई थी। परिजन रातभर उसकी तलाश करते रहे, लेकिन वह सुबह करीब 4 बजे खुद घर लौट आई। घर लौटने पर पिता रामदयाल ने उसे दो-तीन तमाचे मारे, जिसके बाद शुभी सहमकर अपने कमरे में चली गई और दरवाजा अंदर से बंद कर लिया।
चारदीवारी में रची गई कत्ल की साजिश
सुबह होते ही शुभी के ताऊ मुनेश, कल्लू, सुरेश और ताई माधुरी वहां पहुंचे। शुभी के कमरे में होने की बात पता चलने पर इन लोगों ने जबरन दरवाजा खुलवाया। इसके बाद पिता रामदयाल की मौजूदगी और सहमति से इन चारों ने शुभी पर लाठियों और घूंसों से हमला कर दिया। आरोपियों ने उसे तब तक पीटा जब तक कि उसकी जान नहीं चली गई।
क्रूरता की हदें पार: रोने तक पर लगाई पाबंदी
- माँ को बंधक बनाया: जब माँ मिथिलेशा ने बेटी की पिटाई का विरोध किया, तो आरोपियों ने उसे भी जान से मारने की धमकी दी।
- अंतिम संस्कार की जल्दबाजी: हत्या के बाद आरोपियों ने माँ को न तो बेटी का शव देखने दिया और न ही रोने दिया। साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से उन्होंने आनन-फानन में गांव के ही अपने एक बाग में शुभी का अंतिम संस्कार कर दिया।
गुमराह करने के लिए शव के साथ दरिंदगी
वारदात के बाद पुलिस और कानून से बचने के लिए आरोपियों ने कहानी गढ़ने का प्रयास किया, जिसके तहत शव के साथ भी बर्बरता की गई:
- सांप के काटने का ढोंग: मामले को सर्पदंश से जोड़ने के लिए आरोपियों ने मृतका के एक पैर में चार अलग-अलग जगहों पर सुई चुभोई, ताकि वह सांप के डसने का निशान जैसा दिखे।
- आत्महत्या का नाटक: सर्पदंश की कहानी न बनती देख आरोपियों ने शुभी के ही दुपट्टे से उसका गला कसकर फंदे जैसा निशान बनाने का प्रयास किया, जिससे लगे कि उसने खुदकुशी की है।
- झूठा प्रचार: गांव में यह बात फैलाई गई कि बीमारी और मानसिक तनाव के कारण युवती ने आत्महत्या कर ली है।
माँ की शिकायत पर पुलिस का एक्शन
आरोपियों की धमकियों से बेखौफ होकर शनिवार शाम मृतका की माँ मिथिलेशा संडीला कोतवाली पहुंची और पुलिस को पूरी आपबीती सुनाई। शिकायत मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
संतोष सिंह, क्षेत्राधिकारी (सीओ), संडीला ने बताया कि “माँ की शिकायत के आधार पर पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या करने और साक्ष्य मिटाने (IPC/BNS की सुसंगत धाराओं) में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतका के पिता रामदयाल, ताऊ मुनेश, ताऊ सुरेश और ताई माधुरी को गिरफ्तार कर लिया है। इन चारों को न्यायालय के समक्ष पेश कर जेल भेज दिया गया है। फरार पांचवें आरोपी कल्लू की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।”

