ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता अवधि को बढ़ाने और वाहन के मालिकाना हक के ट्रांसफर की पूरी प्रक्रिया होगी ऑफलाइन
सड़क परिवहन मंत्रालय नागरिकों को बड़ी राहत देते हुए दो बेहद महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर गंभीरता से विचार कर रहा
नई दिल्ली। देश में वाहन चालकों और वाहन मालिकों के लिए आने वाले समय में आरटीओ से जुड़ी प्रक्रियाएं बेहद आसान हो सकती हैं। सड़क परिवहन मंत्रालय नागरिकों को बड़ी राहत देते हुए दो बेहद महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर गंभीरता से विचार कर रहा है। इसके तहत ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता अवधि को बढ़ाने और वाहन के मालिकाना हक के ट्रांसफर की पूरी प्रक्रिया को फेसलेस यानी ऑनलाइन करने की तैयारी है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य आरटीओ कार्यालयों में लगने वाली कतारों को खत्म करना, पारदर्शिता बढ़ाना और आम जनता के समय की बचत करना है।
प्रस्ताव 1: 50 वर्ष की आयु तक वैध होगा ड्राइविंग लाइसेंस
प्रस्तावित बदलावों के तहत सबसे बड़ी राहत ड्राइविंग लाइसेंस की समय-सीमा को लेकर मिलने वाली है। नए प्रस्ताव के अनुसार, ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता को अब सीधे लाइसेंस धारक की 50 वर्ष की आयु तक बढ़ाया जा सकता है।
क्या हैं मौजूदा नियम?
- निजी वाहन: वर्तमान व्यवस्था (जैसे दिल्ली एनसीटी के नियमों) के अनुसार, एक प्राइवेट ड्राइविंग लाइसेंस जारी होने की तारीख से 20 साल तक या लाइसेंस धारक की 50 वर्ष की आयु तक (जो भी पहले पूरा हो) वैध रहता है। इसके बाद इसे दोबारा रिन्यू कराना पड़ता है।
- कमर्शियल वाहन: व्यावसायिक, मालवाहक या पैसेंजर वाहनों के लाइसेंस को हर 3 साल में रिन्यू कराना अनिवार्य होता है। इसके साथ ही कमर्शियल चालकों और 40 वर्ष या उससे अधिक आयु के आवेदकों के लिए रिन्यूअल के समय मेडिकल सर्टिफिकेट जमा करना भी आवश्यक होता है।
प्रस्ताव 2: गाड़ी ट्रांसफर और परमिट रिन्यूअल होगा पूरी तरह डिजिटल
सरकार की दूसरी बड़ी योजना आरटीओ के कामकाज को पूरी तरह डिजिटल पोर्टल पर स्थानांतरित करने की है। इसके तहत:
- वाहन स्वामित्व का ट्रांसफर: पुरानी गाड़ी बेचने या खरीदने के बाद नाम ट्रांसफर कराने के लिए अब आरटीओ के चक्कर नहीं काटने होंगे। यह प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन करने का प्रस्ताव है।
- परमिट रिन्यूअल: कमर्शियल वाहनों के परमिट रिन्यूअल की व्यवस्था को भी पूरी तरह डिजिटल बनाने की तैयारी है ताकि घर बैठे ही काम पूरा हो सके।
ट्रैफिक नियम तोड़े तो कटेंगे नंबर: ‘नेगेटिव पॉइंट सिस्टम’ पर भी विचार
सड़क सुरक्षा को चाक-चौबंद करने और लापरवाही से वाहन चलाने वालों पर नकेल कसने के लिए सरकार एक नए नेगेटिव पॉइंट सिस्टम को लागू करने की संभावना भी तलाश रही है।
- इस सिस्टम के तहत यदि कोई चालक बार-बार रेड लाइट जंप करता है, ओवरस्पीडिंग करता है या अन्य ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसके ड्राइविंग लाइसेंस पर नकारात्मक अंक दर्ज किए जाएंगे।
- भविष्य में इन संचित अंकों के आधार पर चालक का लाइसेंस सस्पेंड (निलंबित) या हमेशा के लिए रद्द भी किया जा सकता है।
कब लागू होंगे नए नियम?
ऑटोमोबाइल्स सेक्टर के विशेषज्ञों का मानना है कि इन बदलावों से परिवहन विभाग की सेवाओं में पारदर्शिता आएगी और भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी। हालांकि, मंत्रालय की ओर से स्पष्ट किया गया है कि फिलहाल ये सभी बदलाव प्रस्ताव के स्तर पर हैं और इन पर विचार-विमर्श चल रहा है। सरकार से अंतिम मंजूरी मिलने और आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि यह नई व्यवस्था कब से और किस स्वरूप में जमीनी स्तर पर लागू की जाएगी।

