कैसरबाग स्थित राज्य ललित कला अकादमी में ‘वन वाइस ट्रस्ट’ की ओर से इस वर्ष भी प्रदर्शनी लगी
मोहर्रम पर आधारित ‘18वीं अन्तर्राष्ट्रीय फोटोग्राफी, चित्रकला एवं खत्ताती (कैलीग्राफी) प्रदर्शनी’ शुरू
लखनऊ। राजधानी के कैसरबाग स्थित राज्य ललित कला अकादमी में ‘वन वाइस ट्रस्ट’ की ओर से हर साल की तरह इस वर्ष भी मोहर्रम पर आधारित ‘18वीं अन्तर्राष्ट्रीय फोटोग्राफी, चित्रकला एवं खत्ताती (कैलीग्राफी) प्रदर्शनी’ का भव्य उद्घाटन किया गया। इस अनूठी प्रदर्शनी में मोहर्रम के विषय को समेटे हुए बेहतरीन चित्रों, छायाचित्रों और कैलीग्राफी का प्रदर्शन किया गया है।
इस वर्ष प्रदर्शनी का 18वां साल है, जिसमें कलाकारों का भारी उत्साह देखने को मिला। प्रदर्शनी के लिए दुनिया भर से कलाकृतियां प्राप्त हुईं।कुल प्राप्त कलाकृतियां: लगभग 135 छायाचित्र, 55 पेंटिंग और 160 कैलीग्राफी वर्क। प्रदर्शनी के लिए चयनित: बेहतरीन कलाकृतियों में से करीब 70 छायाचित्र, 32 पेंटिंग और 68 कैलीग्राफी वर्क को प्रदर्शन के लिए चुना गया है। विशेष भागीदारी: करामत कॉलेज और यूनिटी कॉलेज के 44 छात्र-छात्राओं ने भी इस प्रदर्शनी में उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।

वैश्विक और राष्ट्रीय भागीदारी
प्रदर्शनी में देश-विदेश के कुल 100 से अधिक कलाकारों ने अपनी कला का हुनर दिखाया है। विदेशी कलाकार: ईरान, इराक, स्पेन, ग्रीस, सऊदी अरब, लंदन, लेबनान, अल्जीरिया, यमन, तुर्की और बोस्निया जैसे देशों से 21
नामी कलाकारों ने अपनी कृतियां भेजी हैं। इनमें बोस्निया के उस्ताद मुनीब, तुर्की के अहमद कॉक और ईरान के मुसद्दिक रज़ा कुम्मी प्रमुख हैं।
भारतीय कलाकार: देश के 15 अलग-अलग शहरों (जैसे दिल्ली, मुंबई, श्रीनगर, देहरादून, वाराणसी, प्रयागराज, अलीगढ़, बेंगलुरु और होशियारपुर) से 17 कलाकारों ने हिस्सा लिया। लखनऊ का प्रतिनिधित्व: अकेले मेजबान शहर लखनऊ से 48 कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया, जिनमें मनोज छाबड़ा, आज़म हुसैन, श्याम वर्मा और शाइंदा किदवई जैसे कई नाम शामिल हैं।
आयोजक एस.एन. लाल ने बताया कि “इस वर्ष की प्रदर्शनी में सबसे खास बात यह रही कि कैलीग्राफी (खत्ताती) के कलाकारों ने सबसे बढ़कर हिस्सा लिया। छायाचित्रों (फोटोग्राफ्स) के माध्यम से अलग-अलग देशों और शहरों में मोहर्रम से जुड़ी ऐतिहासिक विरासत को बेहद खूबसूरती से जीवंत किया गया है।”

‘मानवता की मोमबत्ती’ जलाकर हुआ उद्घाटन
प्रदर्शनी का उद्घाटन बेहद भावुक और गरिमामयी माहौल में हुआ। मुख्य अतिथियों और कलाकारों ने एक साथ ‘मानवता की मोमबत्ती’ (कैंडल ऑफ ह्यूमैनिटी) जलाकर इस कार्यक्रम की शुरुआत की। इस मौके पर इरा मेडिकल कॉलेज के वी.सी. प्रो. अब्बास अली मेहदी, पूर्व आईएएस शाहिद मंज़र, नजमुल हसन ‘नजमी’, कल्बे सिब्तैन नूरी, मजाहिर रज़ा, प्रो. साबिरा हबीब, कुलसुम तलहा, नवाब मसूद अब्दुल्लाह और आयोजक एस.एन. लाल सहित कला जगत की कई जानी-मानी हस्तियां मौजूद रहीं। मोहर्रम के संदेश और कला के प्रति सरोकार रखने वाले शहर के कलाप्रेमियों के लिए यह प्रदर्शनी एक बेहतरीन तजुर्बा साबित हो रही है।

