राहुल-अखिलेश की गर्मजोशी से यूपी फतह की तैयारी, दिल्ली में ‘इंडिया ब्लॉक’ का बड़ा एलान

Prashant

June 8, 2026

दिल्ली में सोमवार को ‘इंडिया ब्लॉक’ की उच्च स्तरीय बैठक में विपक्षी एकजुटता की नई तस्वीर

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बीच हुई चर्चा

नई दिल्ली/लखनऊ: दिल्ली में सोमवार को आयोजित ‘इंडिया ब्लॉक’ की उच्च स्तरीय बैठक में विपक्षी एकजुटता की एक नई तस्वीर सामने आई है। बैठक में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बीच बेहद गर्मजोशी भरे संबंध देखने को मिले। दोनों शीर्ष नेताओं ने न सिर्फ एक-दूसरे के करीब बैठकर चर्चा की, बल्कि सूत्रों के अनुसार, बैठक के बाद आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर अलग से रणनीति भी बनाई। आगामी यूपी चुनावों के मद्देनजर दोनों दलों के बीच सीट बंटवारे (सीट शेयरिंग) के समीकरणों पर भी शुरुआती मंथन शुरू हो गया है।

पिछले लोकसभा चुनाव में सपा-कांग्रेस गठबंधन ने उत्तर प्रदेश में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय जनता पार्टी के पूर्ण बहुमत के रथ को रोक दिया था। इसी सफलता को दोहराने के लिए अब इंडिया गठबंधन यूपी में भाजपा को तीसरी बार सत्ता में आने से रोकने के लिए साझा जमीन तैयार कर रहा है।

संसद से सड़क तक आर-पार: विपक्षी गठबंधन के 5 बड़े संकल्प

बैठक में देश के करीब 25 प्रमुख विपक्षी दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने साझा रणनीति की घोषणा करते हुए स्पष्ट किया कि गठबंधन सरकार को संसद से लेकर सड़क तक घेरने के लिए पूरी तरह तैयार है। बैठक में मुख्य रूप से पांच एजेंडों पर सहमति बनी है:

  • आर्थिक मुद्दों पर देशव्यापी मोर्चा: बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और देश की मौजूदा आर्थिक स्थिति को लेकर विपक्ष पूरे देश में जनता के बीच जाएगा।
  • नीट (NEET) धांधली और शिक्षा मंत्री का इस्तीफा: विपक्ष ने नीट पेपर लीक मामले को युवाओं के भविष्य के साथ बड़ा खिलवाड़ बताया है। गठबंधन ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग की है और आगामी मॉनसून सत्र में इस मुद्दे पर सरकार को कटघरे में खड़ा करने का निर्णय लिया है।
  • सीजेआई (CJI) को पत्र: मतदान अधिकारों और एसआईआर (SIR) प्रक्रिया से जुड़ी विसंगतियों को लेकर इंडिया ब्लॉक देश के मुख्य न्यायाधीश को एक औपचारिक पत्र सौंपेगा।
  • हर दो महीने में संगठनात्मक बैठक: गठबंधन की निरंतरता और आपसी समन्वय को मजबूत बनाए रखने के लिए अब हर दो महीने में बैठक होगी। अगली बैठक 8 अगस्त को हैदराबाद में प्रस्तावित की गई है।
  • मॉनसून सत्र की साझा रणनीति: संसद के आगामी सत्र में सरकार को घेरने के लिए सभी 25 घटक दल एक ही रणनीति के तहत एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करेंगे।

बैठक के समापन पर विपक्ष के संकल्प को दोहराते हुए मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, हम लड़ेंगे और आगे बढ़ेंगे।”

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