बिजली विभाग इस समय बड़े प्रशासनिक और राजनैतिक घमासान के दौर से गुजर रहा
ऊर्जा मंत्री के पावर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष पर लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद सीएम देंगे दखल
लखनऊ। उत्तर प्रदेश का बिजली विभाग इस समय बड़े प्रशासनिक और राजनैतिक घमासान के दौर से गुजर रहा है। ऊर्जा मंत्री एके शर्मा के पावर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष पर लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद इस मामले में दखल देने जा रहे हैं। आगामी 15 जून को सीएम योगी ने बिजली विभाग की एक अहम समीक्षा बैठक बुलाई है, जिसमें उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलने और बिजली दरों पर बड़ा फैसला होने की उम्मीद है। आइए जानते हैं कि इस पूरे विवाद की मुख्य वजहें क्या हैं और इस बैठक से आम जनता को क्या उम्मीदें हैं।
1. ऊर्जा मंत्री और कॉर्पोरेशन अध्यक्ष के बीच ‘शीतयुद्ध‘
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा और पावर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष (और अपर मुख्य सचिव) डॉ. आशीष कुमार गोयल के बीच का विवाद अब खुलकर सामने आ चुका है। ऊर्जा मंत्री ने अध्यक्ष को पत्र लिखकर उन पर जाति, धर्म और भ्रष्टाचार के आधार पर कुशल कर्मचारियों को निकालने और अकुशल लोगों को भर्ती करने जैसे बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। मंत्री ने सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए इसे शासन का अंतिम निर्देश मानने को कहा है।
2. 10% ईंधन अधिभार (फ्यूल सरचार्ज) की हो सकती है वापसी
आम जनता की जेब पर असर डालने वाले 10 फीसदी ईंधन अधिभार को लेकर भी ऊर्जा मंत्री बेहद नाराज हैं। उनका कहना है कि यह सरचार्ज लगाने से पहले उनसे कोई सलाह नहीं ली गई।
- विवाद की वजह: नियामक आयोग ने भी इस अधिभार को नियमों के खिलाफ बताया है।
- संभावित राहत: शक्ति भवन के सूत्रों के मुताबिक, जनता के आक्रोश को देखते हुए 15 जून को मुख्यमंत्री की बैठक के बाद इस 10% सरचार्ज को वापस लिया जा सकता है।
3. उपभोक्ताओं के लिए अच्छी खबर: सिक्योरिटी राशि पर मिलेगा 6.50% ब्याज
इस सियासी घमासान के बीच प्रदेश के करीब 3.73 लाख बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक राहत भरी खबर भी है।
- ब्याज दर: उपभोक्ताओं द्वारा जमा की गई सिक्योरिटी राशि पर अब 6.50% की दर से ब्याज मिलना शुरू हो गया है।
- बिलों में समायोजन: पावर कॉर्पोरेशन ने अपने बिलिंग सॉफ्टवेयर को अपडेट कर दिया है, जिससे ब्याज की राशि सीधे बिजली बिलों में घटाई (एडजस्ट) जा रही है।
- कुल फायदा: विभाग की तरफ से उपभोक्ताओं की लगभग ₹4,616 करोड़ की सिक्योरिटी राशि पर करीब ₹300 करोड़ का ब्याज दिया जाएगा। जिन उपभोक्ताओं ने जून का बिल भर दिया है, उन्हें यह लाभ जुलाई के बिल में मिलेगा।
नोट: राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने उपभोक्ताओं से अपने बिजली बिलों की जांच करने की अपील की है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उन्हें ब्याज का लाभ मिला है या नहीं।
अब हर किसी की नजरें 15 जून को होने वाली मुख्यमंत्री की इस हाई-लेवल मीटिंग पर टिकी हैं, जहां विभाग की अंदरूनी कलह को शांत करने के साथ-साथ बिजली की दरों पर अंतिम मुहर लगेगी।

