कर्मचारी संगठनों संग वित्त विभाग की बैठक, 22-23 जून को लखनऊ आएगी मुख्य समिति
बैठक बुलाकर विभिन्न कर्मचारी संगठनों से चर्चा की और उनकी समस्याओं व सुझावों को जाना
लखनऊ। केंद्र सरकार द्वारा आठवें वेतन आयोग की घोषणा के बाद अब उत्तर प्रदेश में भी इसे लागू करने और कर्मचारियों की विसंगतियों को दूर करने की कवायद तेज हो गई है। आगामी 22 और 23 जून को वेतन आयोग की समिति के सदस्य लखनऊ आ रहे हैं। इससे पहले वित्त विभाग ने एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाकर विभिन्न कर्मचारी संगठनों से चर्चा की और उनकी समस्याओं व सुझावों को जाना। बता दें कि इससे पहले मार्च 2026 में वित्त वेतन आयोग ने पत्र जारी कर सभी संगठनों से ऑनलाइन सुझाव मांगे थे।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने सौंपा 56 पेज का प्रतिवेदन
‘राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद’ (हरि किशोर तिवारी गुट) ने आयोग के समक्ष कर्मचारियों का पक्ष मजबूती से रखने के लिए 56 पन्नों का एक विस्तृत प्रतिवेदन (मेमोरेंडम) सौंपा है। परिषद ने अपने सभी संबद्ध घटक संघों और संवर्गों की मांगों को एकीकृत कर समय से आयोग को भेज दिया था, जिस पर आने वाले दिनों में विस्तार से चर्चा होगी।
बैठक में इन्होंने रखा कर्मचारियों का पक्ष:
- राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद: परिषद की ओर से कार्यवाहक अध्यक्ष एन. डी. द्विवेदी, विवेक यादव (अध्यक्ष, आईटीआई), राहुल पटेल (प्रदेश महामंत्री) और सुजीत सिंह (उपाध्यक्ष, लेखपाल संघ) ने बैठक में शामिल होकर कर्मचारियों की पैरवी की।
- डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ: महासंघ की ओर से प्रदेश अध्यक्ष एच. एन. मिश्रा और श्रवण कुमार यादव की अगुवाई में प्रतिनिधिमंडल ने डिप्लोमा इंजीनियर्स की वेतन विसंगतियों और मांगों को प्रमुखता से अधिकारियों के सामने रखा।
मीडिया प्रभारी मनोज श्रीवास्तव के अनुसार, वित्त विभाग के साथ हुई यह प्रथम बैठक काफी सकारात्मक रही है और संगठनों को उम्मीद है कि 22-23 जून को लखनऊ में होने वाली मुख्य बैठक में कर्मचारियों के हितों में बड़े फैसले लिए जाएंगे।

