नीति आयोग की बैठक में बोले सीएम योगी: विकसित भारत के संकल्प से ही समृद्ध होगा ‘विकसित उत्तर प्रदेश’, रखीं कई महत्वपूर्ण मांगें

Anoop

June 12, 2026

सीएम योगी ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की शासी परिषद की 11वीं बैठक में हिस्सा लिया

12 वर्षों के दूरदर्शी नेतृत्व के लिए प्रधानमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि देश आज वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच भी पूरी तरह सुरक्षित

लखनऊ / नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की शासी परिषद की 11वीं बैठक में हिस्सा लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पिछले 12 वर्षों के दूरदर्शी नेतृत्व के लिए प्रधानमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि देश आज वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच भी पूरी तरह सुरक्षित है। बैठक में मुख्यमंत्री ने ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश/2047 विजन डॉक्युमेण्ट’ का जिक्र करते हुए राज्य के विकास और लोककल्याण से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर केंद्र सरकार और नीति आयोग से सहयोग का अनुरोध किया।

1. आंगनवाड़ी और पोषण योजनाओं में सुधार की मांग

  • बालवाटिका का सुदृढ़ीकरण: सीएम योगी ने बताया कि राज्य के लगभग 72 हजार आंगनवाड़ी केंद्रों को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर ‘बालवाटिका’ (प्री-प्राइमरी स्कूल) के रूप में चलाया जा रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से आंगनवाड़ी भवन निर्माण की निर्धारित लागत का पुनरीक्षण करने और इस व्यय को समेकित मद के बजाय केवल ‘महिला एवं बाल विकास विभाग’ द्वारा वहन किए जाने का अनुरोध किया।
  • टेक होम राशन की लागत: मुख्यमंत्री ने कहा कि टेक होम राशन की लागत का आखिरी संशोधन 2017 में हुआ था। बाजार दरों के अनुरूप गर्भवती माताओं और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण पोषण मिलता रहे, इसके लिए राशन की लागत को संशोधित कर ‘थोक मूल्य सूचकांक’ (WPI) से जोड़ा जाना चाहिए।

2. शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए बड़े प्रस्ताव

  • समग्र शिक्षा योजना का विस्तार: प्रदेश के 4,512 राज्य-वित्तपोषित अनुदानित विद्यालयों को भी समग्र शिक्षा योजना में शामिल करने की मांग की गई, ताकि वहां पढ़ रहे साधारण परिवारों के बच्चे भी इस योजना के लाभ से वंचित न रहें। यह कदम ‘सबको शिक्षा, समान शिक्षा’ के संकल्प को पूरा करेगा।
  • आयुष्मान भारत योजना का प्रीमियम: ‘आयुष्मान भारत योजना’ को दुनिया की सबसे दूरदर्शी योजना बताते हुए सीएम ने कहा कि वर्तमान में वास्तविक लागत बढ़ने के कारण राज्य सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय भार आ रहा है। उन्होंने केंद्र से आयुष्मान भारत की प्रीमियम राशि को बढ़ाकर 2,400 रुपये प्रति परिवार करने के प्रस्ताव पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेने का अनुरोध किया।
  • पश्चिमी यूपी और बुंदेलखंड में नए एम्स: गोरखपुर और रायबरेली एम्स की सफलता का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने मांग की कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड के करीब 9 करोड़ नागरिकों को टर्शिअरी हेल्थकेयर के लिए दिल्ली-लखनऊ न भागना पड़े, इसलिए इन दोनों क्षेत्रों में भी एक-एक नए एम्स (AIIMS) की स्थापना को जल्द मंजूरी दी जाए।

3. टेक और स्पेस टेक्नोलॉजी में यूपी की नई उड़ान

  • ग्रेटर नोएडा में ‘रोबोटिक्स क्लस्टर‘: उत्तर प्रदेश को सेमीकंडक्टर हब बनाने के प्रयासों के बीच मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्रेटर नोएडा में एक समर्पित ‘रोबोटिक्स क्लस्टर’ विकसित करने के लिए 75 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है। इस वैश्विक स्तर के प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने के लिए उन्होंने केंद्र से वित्तीय और तकनीकी सहायता मांगी।
  • वज्रपात से सुरक्षा के लिए ‘डेडिकेटेड सैटेलाइट‘: यूपी में आकाशीय बिजली (वज्रपात) के कारण होने वाली जन-धन की हानि पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने एक बड़ा प्रस्ताव रखा। उन्होंने आपदा प्रबंधन तंत्र को मजबूत करने और समय रहते सटीक चेतावनी पाने के लिए उत्तर प्रदेश को एक ‘डेडिकेटेड सैटेलाइट’ (समर्पित उपग्रह) उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।

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