किताबों के शौकीनों के लिए बड़ी खबर: लखनऊ के बलरामपुर गार्डन में 1 अक्टूबर से सजेगा 23वां ‘राष्ट्रीय पुस्तक मेला’, ‘वंदे मातरम्’ के 150वें वर्ष को समर्पित होगा भव्य आयोजन

Anoop

September 29, 2026

लखनऊ में सजेगा किताबों का संसार: 1 से 11 अक्टूबर तक बलरामपुर गार्डन में आयोजित होगा 23वां ‘राष्ट्रीय पुस्तक मेला’

‘वंदे मातरम्’ के 150वें वर्ष को समर्पित इस मेले में 120 से अधिक स्टॉल लगेंगे और हर किताब पर मिलेगी कम से कम 10% की छूट

लखनऊ। अदब और नफासत के शहर लखनऊ में एक बार फिर साहित्य, ज्ञान और कला का भव्य महाकुंभ सजने जा रहा है! आगामी 1 अक्टूबर से 11 अक्टूबर 2026 तक अशोक मार्ग स्थित बलरामपुर गार्डन में 11 दिवसीय 23वें ‘राष्ट्रीय पुस्तक मेला’ का आयोजन होने जा रहा है। इस बार यह पुस्तक मेला बेहद खास है, क्योंकि यह ऐतिहासिक ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ को समर्पित रहेगा। मेले का भव्य उद्घाटन 1 अक्टूबर को शाम 5:00 बजे उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक करेंगे।

75 हजार वर्ग फीट में फैलेगा किताबों का संसार

पत्रकार वार्ता के दौरान मेले के संयोजक मनोज सिंह चंदेल और निदेशक आकर्ष चंदेल ने बताया कि यह आयोजन केवल किताबों की बिक्री का जरिया नहीं, बल्कि ज्ञान, साहित्य और संस्कृति का एक अनूठा उत्सव है। लगभग 75,000 वर्ग फीट के विशाल परिसर में 50 से अधिक प्रतिष्ठित प्रकाशकों के 120 से भी अधिक स्टॉल लगाए जाएंगे। यहाँ हिंदी, अंग्रेजी और विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं में साहित्य, शैक्षणिक पुस्तकें, बाल साहित्य, और दुर्लभ दुर्लभ ग्रंथों का अनूठा संग्रह पाठकों के आकर्षण का केंद्र रहेगा।

देशभर से जुटेंगे दिग्गज प्रकाशक और स्थानीय प्रतिभाएँ

पुस्तक मेले में देश के जाने-माने प्रकाशन गृह जैसे प्रभात प्रकाशन, वाणी प्रकाशन, सस्ता साहित्य मंडल, गीता प्रेस (गोरखपुर), भारतीय ज्ञानपीठ, राजपाल एंड संस, सम्यक प्रकाशन, सेतु प्रकाशन, मंजुल पब्लिशिंग और रेख्ता पब्लिकेशन्स अपनी किताबों के साथ मौजूद रहेंगे। इसके साथ ही दिल्ली, नोएडा, प्रयागराज, आगरा, गाजियाबाद, रायपुर जैसे शहरों के प्रकाशक भी हिस्सा ले रहे हैं।

स्थानीय साहित्य और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान, उ.प्र. उर्दू अकादमी, रामकृष्ण मठ और स्थानीय रचनाकारों के विशेष स्टॉल लगाए जाएंगे, जहाँ शहर के अपने लेखकों को एक बड़ा मंच मिलेगा।

किताबों की खरीदारी पर 10% की छूट और एंट्री बिल्कुल फ्री!

पुस्तक प्रेमियों के लिए सबसे अच्छी बात यह है कि मेले में प्रवेश पूरी तरह से नि:शुल्क रखा गया है। इतना ही नहीं, मेले में खरीदी गई प्रत्येक पुस्तक पर पाठकों को कम से कम 10 प्रतिशत की विशेष छूट भी मिलेगी। मेले का समय प्रतिदिन सुबह 11:00 बजे से रात 9:00 बजे तक रहेगा।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, मुशायरा और काव्य गोष्ठियों का रहेगा तड़का

किताबों के अलावा मेले में 11 दिनों तक रंगारंग सांस्कृतिक और साहित्यिक कार्यक्रमों की भरमार रहेगी।

  • 1 अक्टूबर (उद्घाटन दिवस): शाम को सांत्वना तिवारी की संगीतमय संध्या और संकल्प फाउंडेशन द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ होंगी।
  • साहित्यिक कार्यक्रम: प्रसिद्ध साहित्यकारों से सीधा संवाद, विचार-विमर्श, पुस्तक विमोचन (जैसे रहीस सिंह, डॉ. रश्मि श्रीवास्तव, डॉ. करुणा पाण्डेय, डॉ. मनीष शुक्ला आदि), कवि सम्मेलन, दास्तानगोई (अरशाना आजमत द्वारा) और मीर तकी फाउंडेशन द्वारा मुशायरे का आयोजन होगा।
  • बच्चों के लिए खास: बाल साहित्य के साथ-साथ बच्चों के लिए कहानी-वाचन के सत्र और विविध प्रतियोगिताएँ भी आयोजित की जाएँगी।
  • मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता शिविर: 9 और 10 अक्टूबर को एमेटी यूनिवर्सिटी की ओर से नि:शुल्क मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता शिविर भी लगाया जाएगा।

के.टी. फाउंडेशन और फ़ोर्सवन बुक्स द्वारा आयोजित इस 23वें राष्ट्रीय पुस्तक मेले में यूपी मेट्रो, रेडियो सिटी और कई अन्य सहयोगी संस्थाएँ भी जुड़ी हुई हैं। तो तैयार हो जाइए, 1 से 11 अक्टूबर के बीच बलरामपुर गार्डन पहुँचकर किताबों की इस खूबसूरत दुनिया का आनंद लेने के लिए!

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