प्रेमचंद एक भविष्यदृष्टा साहित्यकार थे, जिनकी रचनाएँ आज के दौर में भी उतनी ही प्रासंगिक:डॉ. राकेश
उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान ने की ‘प्रेमचंद, मैथिलीशरण गुप्त एवं जगदीश गुप्त की स्मृति’ में संगोष्ठी हिंदी भवन के प्रेमचंद सभागार में हुआ संगोष्ठी का आयोजन जुटे विद्वान एवं साहित्यप्रेमी…
