लखनऊ की गलियों, संस्कृति और बोली में रची-बसी फिल्म ‘लागी छूटे ना’ 13 नवम्बर को रिलीज होगी

Anoop

October 25, 2026

लखनऊ और सोनभद्र की खूबसूरत लोकेशन पर हुई शूटिंग, स्थानीय कलाकारों को मिला मौका

“’लागी छूटे ना’ लखनऊ की मिट्टी, यहां की संस्कृति, बोलचाल और भावनाओं से जुड़ी प्रेम कहानी

लखनऊ। लखनवी तहजीब, बोलचाल और रिश्तों की मिठास अब बड़े पर्दे पर हिन्दी फीचर फिल्म ‘लागी छूटे ना’ में दिखाई पड़ेगी, जो आगामी 13 नवम्बर 2026 को सिनेमाघरों में अखिल भारतीय स्तर पर रिलीज होगी।

आनंद मोशन पिक्चर्स के बैनर तले आनंद कुमार तिवारी के लेखन और निर्देशन में बनी यह फिल्म लखनऊ के स्थानीय परिवेश और यहां की प्रेम कहानी पर आधारित है। फिल्म की खासियत इसकी कहानी के साथ-साथ शहर की संस्कृति, स्थानीय भाषा और यहां के जीवन की सहज झलक है, जो इसे एक अलग पहचान देती है।

आशुतोष कुमार, दीप्रा मिश्रा और शालू सिंह की मुख्य भूमिकाओं वाली इस फिल्म में प्रेम, रिश्तों, पारिवारिक अपेक्षाओं और जिंदगी के भावनात्मक उतार-चढ़ाव को उत्तर प्रदेश की सामाजिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि में पिरोया गया है। फिल्म की कहानी में लखनऊ का माहौल और यहां के लोगों की बोलचाल इसे स्थानीय रंग देते हैं। यही वजह है कि ‘लागी छूटे ना’ केवल एक प्रेम कहानी नहीं, बल्कि शहर के रहन-सहन, संस्कृति और भावनाओं से जुड़ा एक प्रयास भी है।

फिल्म की शूटिंग लखनऊ के अलग-अलग स्थानों पर की गई है। चंद्रिका देवी के पास स्थित अक्षय वट और सर्वोदय नगर सहित शहर की अन्य लोकेशनों पर फिल्म के महत्वपूर्ण दृश्य फिल्माए गए हैं। इसके अलावा, फिल्म का एक अहम हिस्सा सोनभद्र जिले में भी शूट किया गया है। फिल्म की शूटिंग में लखनऊ के स्थानीय कलाकारों और क्रू सदस्यों ने भी योगदान दिया है, जिससे कहानी को स्थानीय परिवेश के करीब लाने में मदद मिली है।

निर्देशक आनंद कुमार तिवारी ने कहानी को वास्तविकता के साथ प्रस्तुत करने के लिए स्थानीय संस्कृति और भाषा पर विशेष ध्यान दिया है। फिल्म में लखनऊ की बोलचाल, लोगों के आपसी रिश्तों और यहां की सामाजिक परिस्थितियों को कहानी का स्वाभाविक हिस्सा बनाने की कोशिश की गई है। फिल्म का उद्देश्य दर्शकों तक ऐसी प्रेम कहानी पहुंचाना है, जिसमें उन्हें अपने शहर, अपने परिवेश और अपने अनुभवों की झलक दिखाई दे।

फिल्म के गीतों को ऋचा शर्मा, शाहिद माल्या और प्रियंका सिंह जैसे लोकप्रिय गायकों ने गाया है। फिल्म का संगीत और गीत अजय तिवारी ने तैयार किए हैं, जबकि सना अज़ीज़ की आवाज़ भी फिल्म के संगीत का हिस्सा है। फिल्म की सह-निर्माता आरती श्रीवास्तव हैं। फिल्म की पटकथा आनंद कुमार तिवारी ने लिखी है, जबकि संवाद लेखन में उनके साथ डॉ. मनोज प्रसाद और कृष्ण भारद्वाज ने योगदान दिया है।

फिल्म के निर्देशक आनंद कुमार तिवारी कहते हैं, “’लागी छूटे ना’ लखनऊ की मिट्टी, यहां की संस्कृति, बोलचाल और भावनाओं से जुड़ी प्रेम कहानी है। हम चाहते थे कि फिल्म देखते समय दर्शकों को इसका परिवेश अपना-सा लगे। लखनऊ की तहजीब और यहां के लोगों के बात करने का अंदाज कहानी को एक खास पहचान देता है। इसके अलावा, सोनभद्र में फिल्माए गए दृश्यों ने कहानी को एक अलग विस्तार दिया है। प्यार, परिवार और सामाजिक परिस्थितियों के बीच रिश्ते किस तरह आगे बढ़ते हैं, हमने इन्हीं भावनाओं को सहजता से पेश करने की कोशिश की है।”

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