लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर सड़क धंसने व पंखा चलाकर सुखाने का वीडियो वायरल
अखिलेश यादव ने कसा तंज, NHAI ने टोल वसूली रोक निर्माण एजेंसी पर की कार्रवाई
लखनऊ।लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। 13 जुलाई को करीब 4,200 करोड़ रुपये की लागत से बने 63 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के मात्र 20 दिनों के भीतर कई स्थानों पर सड़क धंसने और मरम्मत के दौरान पंखों से सड़क सुखाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार पर तीखा तंज कसा है। अखिलेश यादव ने ‘एक्स’ पर वीडियो साझा करते हुए इसे “भाजपाई तरक्की की नई हवा” बताया और सवाल उठाया कि उद्घाटन के कुछ ही दिनों भीतर बार-बार मरम्मत मांग रही इस सड़क पर तेज रफ्तार से सफर करने का जोखिम कौन उठाएगा।
लगातार आ रही शिकायतों और सड़क धंसने की घटनाओं के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने सख्त कदम उठाए हैं। निर्माण एजेंसी पीएनसी इंफ्राटेक को ‘नॉन-परफॉर्मर’ घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही प्रोजेक्ट डायरेक्टर नकुल प्रकाश वर्मा को पद से हटा दिया गया है, पूर्व प्रोजेक्ट डायरेक्टर सौरभ चौरसिया को चार्जशीट दी गई है, जबकि प्रोजेक्ट मैनेजर विवेक गुप्ता, रेजिडेंट इंजीनियर यतेंद्र कुमार और इंडिपेंडेंट इंजीनियर टीम के प्रमुख सुरेंद्र कुमार को 2 वर्षों के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है।

NHAI के अनुसार, भारी बारिश के कारण सड़क खिसकने (स्लिपेज) की समस्या आई है, जिसकी वास्तविक वजहों की जांच के लिए IIT खड़गपुर के विशेषज्ञों की समिति गठित की गई है और लेजर प्रोफिलोमीटर तकनीक से पूरे मार्ग का परीक्षण कराया जा रहा है। NHAI ने स्पष्ट किया है कि प्रभावित हिस्से की मरम्मत का लगभग 3 करोड़ रुपये का खर्च निर्माण कंपनी वहन करेगी और जब तक मरम्मत कार्य पूरी तरह से समाप्त नहीं हो जाता, तब तक एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली पूरी तरह स्थगित रहेगी।

