राज्यपाल ने गोरखपुर विश्वविद्यालय की महिला शिक्षिकाओं संग किया संवाद, नवाचार-समाजसेवा के प्रयासों को सराहा

Anoop

August 6, 2026

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में महिला शिक्षिकाओं से संवाद

इस दौरान उन्होंने शिक्षा, शोध, नवाचार और समाजोन्मुख गतिविधियों को बढ़ावा देने पर चर्चा की

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने 05 अगस्त की देर शाम दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के अतिथि गृह में महिला शिक्षिकाओं के साथ शिक्षा, शोध, नवाचार और समाजोन्मुख गतिविधियों पर एक आत्मीय एवं प्रेरणादायी संवाद किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन भी उपस्थित रहीं।

संवाद के दौरान विभिन्न विभागों की महिला शिक्षिकाओं ने अपने-अपने क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों की जानकारी राज्यपाल को दी। शिक्षाशास्त्र विभाग की डॉ. मीतू सिंह ने बताया कि वे घरेलू हिंसा, वैवाहिक विवाद और मानसिक तनाव से जूझ रही महिलाओं की काउंसलिंग कर अब तक लगभग 20 महिलाओं के वैवाहिक जीवन को नई दिशा दे चुकी हैं। राज्यपाल ने इस सामाजिक प्रयास की सराहना करते हुए विश्वविद्यालय परिसर में विवाह मंडप बनाकर जरूरतमंद महिलाओं के विवाह संस्कार संपन्न कराने का सुझाव दिया।

व्यावसायिक प्रशासन विभाग की डॉ. कृतिका श्रीवास्तव ने छात्रों को डिजिटल शिक्षा व सही मार्गदर्शन देने के लिए विकसित ‘स्कॉलर डेस्क’ लर्निंग मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म के बारे में बताया। प्राणी विज्ञान विभाग की डॉ. तान्या त्रिपाठी ने ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस के सहयोग से महिलाओं व किशोरियों के लिए चलाए जा रहे एचपीवी (HPV) टीकाकरण अभियान और सर्वाइकल कैंसर उन्मूलन की योजनाओं की जानकारी साझा की। वहीं, इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग की डॉ. शगुन पाल ने एआई (AI) व डेटा साइंस के नए पाठ्यक्रमों और इंजीनियरिंग में पीएचडी कार्यक्रम की शुरुआत से अनुसंधान को मिली नई गति के बारे में अवगत कराया। इसके अलावा, प्राकृतिक एवं कृषि विज्ञान संस्थान की डॉ. नूपुर सिंह व डॉ. मोनालिसा साहू तथा फार्मेसी संस्थान की डॉ. सरिता सिंह ने भी अपने शोध व शैक्षणिक कार्यों की रिपोर्ट प्रस्तुत की।

शिक्षिकाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने विद्यार्थियों की सहभागिता से विश्वविद्यालय में ‘सॉइल टेस्टिंग लैबोरेटरी’ और ‘जीरो वेस्ट कैंपस सेंटर’ विकसित करने पर बल दिया। साथ ही उन्होंने वंचित व जरूरतमंद बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और सशक्तिकरण के लिए ठोस योजनाएं चलाने का आह्वान किया। अंत में कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने राज्यपाल का आभार व्यक्त करते हुए उनके सुझावों को विश्वविद्यालय में प्रभावी ढंग से लागू करने का आश्वासन दिया।

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