उत्तर प्रदेश विधानमंडल के मानसून सत्र के पहले ही दिन सदन और सड़क दोनों जगह तीखी राजनीतिक जंग दिखी
सपा विधायकों ने शिक्षक भर्ती और राम मंदिर चंदा चोरी जैसे मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानमंडल के मानसून सत्र के पहले ही दिन सदन और सड़क दोनों जगह तीखी राजनीतिक जंग देखने को मिल रही है। विपक्षी समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायकों ने शिक्षक भर्ती और राम मंदिर चंदा चोरी जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
सपा ने जोरदार प्रदर्शन किया। चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के समक्ष सपा विधायक हाथों में पोस्टर-बैनर लेकर पहुंचे और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विपक्ष शिक्षक भर्ती में धांधली, राम मंदिर चढ़ावा/चंदा चोरी, दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज और एक्सप्रेसवे निर्माण में अनियमितताओं जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बनाए हुए है।
योगी सरकार की ओर से पलटवार करते हुए संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा, “विपक्ष के पास कोई वास्तविक मुद्दा नहीं है, वे सिर्फ ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। राज्य में विकास ऐतिहासिक हुआ है और योगी सरकार विपक्ष के हर सवाल का जवाब देने के लिए पूरी तरह सक्षम है।”
सदन में पहली बार वंदे मातरम का पूर्ण गायन हुआ। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सर्वदलीय बैठक में सत्र को सुचारु रूप से चलाने के लिए सभी दलों से सहयोग की अपील की। उन्होंने जानकारी दी कि इस सत्र में पहली बार सदन के भीतर ‘वंदे मातरम’ का पूर्ण गायन किया जाएगा।
बसपा प्रमुख मायावती ने छोटे सत्र पर जताई चिंता। बसपा प्रमुख मायावती ने सोशल मीडिया ‘X’ पर पोस्ट कर संक्षिप्त मानसून सत्र पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लगातार छोटे होते सत्र विधायिका की प्रभावशीलता को कमजोर करते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि 4 अगस्त को पेश होने वाले अनुपूरक बजट और सत्र के दौरान हंगामे के बजाय जनहित के मुद्दों पर ठोस चर्चा होगी।
सदन की कार्यवाही की शुरुआत आजमगढ़ के निजामाबाद से सपा के दिवंगत विधायक आलम बदी के निधन पर शोक प्रस्ताव पारित कर उन्हें श्रद्धांजलि देने के साथ होगी।

