मुख्यमंत्री ने ‘प्रोजेक्ट गंगा’ का शुभारम्भ किया: उत्तर प्रदेश में डिजिटल क्रांति का नया अध्याय

Prashant

June 10, 2026

सीएम योगी ने राज्य में ग्रामीण डिजिटल कनेक्टिविटी और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए  

मुख्यमंत्री ने ‘प्रोजेक्ट गंगा’ शुभारंभ कर कहा कि ‘प्रोजेक्ट गंगा’ से गांवों को कई लाभ मिलेंगे

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में ग्रामीण डिजिटल कनेक्टिविटी और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए एक अभिनव पहल ‘प्रोजेक्ट गंगा’ का शुभारम्भ किया है। यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘डिजिटल इण्डिया’ के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए ‘आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत’ की संकल्पना को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस परियोजना के लिए उत्तर प्रदेश सरकार, उत्तर प्रदेश राज्य परिवर्तन आयोग और हिन्दुजा समूह मिलकर काम कर रहे हैं।

प्रोजेक्ट गंगाके मुख्य बिंदु और लक्ष्य

  • अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी: हिन्दुजा समूह के सहयोग से प्रदेश के गांवों में अंतिम छोर तक तीव्र गति की ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी पहुंचाई जाएगी।
  • डिजिटल उद्यमिता: इस परियोजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 08 हजार डिजिटल उद्यमियों (डिजिटल सेवा प्रदाता) को तैयार और आगे बढ़ाया जाएगा।
  • महिला सशक्तिकरण: कुल तैयार होने वाले डिजिटल उद्यमियों में से 50 प्रतिशत (4,000) महिलाएं होंगी। बैंकिंग करेस्पॉन्डेंट सखी की तर्ज पर इनकी विशेष पहचान, पोशाक और उपकरण सुनिश्चित किए जाएंगे।
  • विस्तृत कवरेज: परियोजना का लक्ष्य राज्य के 20 लाख से अधिक परिवारों को ब्रॉडबैंड इंटरनेट से जोड़ना है।
  • चरणबद्ध क्रियान्वयन:
    • प्रथम चरण: प्रदेश के 21 जनपदों से इसकी शुरुआत की जा रही है।
    • आगामी लक्ष्य: जल्द ही इसे सभी 75 जनपदों, 350 तहसीलों, 825 विकास खंडों, 8,000 न्याय पंचायतों और अंततः 57,700 ग्राम पंचायतों तक विस्तारित किया जाएगा।

विकास का सतत मॉडल और ग्रामीण लाभ

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान इस बात पर जोर दिया कि इंटरनेट की रफ्तार जितनी तेज होगी, विकास की गति भी उतनी ही तेज होगी। योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘प्रोजेक्ट गंगा’ से गांवों को कई लाभ मिलेंगे। “हमारा मॉडल ऐसा होना चाहिए जो व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाए तथा सरकार पर उसकी निर्भरता न्यूनतम रहे। यह विकास का एक सतत मॉडल होगा।”

ग्राम पंचायतों में ब्रॉडबैंड पहुंचने से वे ‘स्मार्ट विलेज’ के रूप में विकसित होंगी, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और ई-गवर्नेंस सेवाओं को सुदृढ़ किया जा सकेगा।गांव के लोगों और कारीगरों को अपने उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री के लिए एक बड़ा डिजिटल मंच मिलेगा। राज्य परिवर्तन आयोग के अनुसार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के इस युग में कृषि और स्वचालित उपकरणों के लिए ब्रॉडबैंड जरूरी है। यह परियोजना शहरों और गांवों के बीच के डिजिटल अंतर को समाप्त करेगी।

वित्तीय एवं अन्य सरकारी योजनाओं का समन्वय

ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए इस परियोजना को राज्य की अन्य योजनाओं से जोड़ा जाएगा। इसके तहत व्यवसाय शुरू करने के लिए युवाओं को 05 लाख रुपये तक का ब्याज-मुक्त और गारंटी-मुक्त ऋण दिया जाता है, साथ ही 10% मार्जिन मनी भी मिलती है। अब तक 02 लाख युवा इसका लाभ ले चुके हैं। आकांक्षी विकास खंडों में तैनात मुख्य मंत्री फेलो के अनुभवों का लाभ भी इस परियोजना को सफल बनाने में लिया जाएगा।

सुरेश कुमार खन्ना (वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री)ने कहा कि “तकनीक को आगे बढ़ाना समय की मांग है और उत्तर प्रदेश ने ‘प्रोजेक्ट गंगा’ के रूप में इस दिशा में सबसे पहले पहल की है।” सुनील कुमार शर्मा (इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री)ने कहा कि “यह योजना प्रदेश में डिजिटल क्रांति का आधार बनेगी और उत्तर प्रदेश को डिजिटल विकास का मुख्य इंजन बनाएगी।

वेन्स्ले फर्नांडिस (निदेशक, हिन्दुजा समूह)ने कहा कि “मुख्यमंत्री डिजिटल सुविधाओं को विलासिता नहीं, बल्कि जरूरत मानते हैं। हिन्दुजा समूह ग्रामीण क्षेत्रों में सतत डिजिटल आजीविका देने के इस दृष्टिकोण पर काम शुरू कर चुका है।” इस अवसर पर अवसंरचना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार, प्रमुख सचिव (आईटी) आलोक कुमार सहित शासन और हिन्दुजा समूह के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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