ग्रामीण अंचलों में आर्थिक और सामाजिक विकास को रफ्तार के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने
सरकारी आवास से एक महत्वाकांक्षी डिजिटल परियोजना ‘प्रोजेक्ट गंगा’ का आधिकारिक शुभारंभ किया
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के ग्रामीण अंचलों में आर्थिक और सामाजिक विकास को रफ्तार देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज अपने सरकारी आवास से एक महत्वाकांक्षी डिजिटल परियोजना ‘प्रोजेक्ट गंगा’ का आधिकारिक शुभारंभ किया। इस दूरदर्शी परियोजना का मुख्य लक्ष्य आगामी तीन वर्षों के भीतर राज्य के गांवों तक हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी पहुंचाना है। परियोजना के उद्घाटन के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आधुनिक युग में तेज इंटरनेट केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि विकास की प्राथमिक आवश्यकता है। उन्होंने कहा, “इंटरनेट की गति जितनी तीव्र होगी, प्रदेश के विकास और नागरिकों के जीवन स्तर में बदलाव की गति भी उतनी ही तेज होगी।”
क्या है ‘प्रोजेक्ट गंगा’?
जिस प्रकार पतित पावनी मां गंगा ने उत्तर भारत को दुनिया की सबसे उपजाऊ भूमि देकर अन्न से समृद्ध किया है, ठीक उसी प्रकार यह ‘प्रोजेक्ट गंगा’ तकनीकी माध्यम से ग्रामीण उत्तर प्रदेश को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाएगा।
परियोजना के मुख्य आकर्षण और लक्ष्य:
- विशाल नेटवर्क कवरेज: इस परियोजना के माध्यम से प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों के लगभग 20 लाख घरों को सीधे हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड सेवा से जोड़ा जाएगा।
- बजटीय घोषणा का क्रियान्वयन: यह प्रोजेक्ट वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में किए गए वादों को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
- महिला सशक्तिकरण और रोजगार: इसके तहत राज्य में 8,000 डिजिटल उद्यमियों को तैयार किया जाएगा, जिनमें से 50 प्रतिशत (4,000) महिलाएं होंगी।
- रोजगार के नए अवसर: गांवों में इंटरनेट पहुंचने से स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार और स्वरोजगार के नए साधन विकसित होंगे।
आत्मनिर्भरता को मिलेगा बल
इस परियोजना को ‘आत्मनिर्भर भारत’ की संकल्पना से जोड़ते हुए मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी बढ़ने से शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग और सरकारी योजनाओं की पहुंच सीधे जनता तक आसान हो जाएगी। यह प्रोजेक्ट न केवल गांवों और शहरों के बीच के ‘डिजिटल डिवाइड’ को कम करेगा, बल्कि ग्रामीण युवाओं को मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था से जोड़ने का एक मजबूत जरिया बनेगा।

