उत्तर प्रदेश के मेरठ के बहुचर्चित ‘नीला ड्रम हत्याकांड’ (सौरभ मर्डर केस) में
जिला न्यायालय में चल रही सुनवाई के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए
मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ के बहुचर्चित ‘नीला ड्रम हत्याकांड’ (सौरभ मर्डर केस) में जिला न्यायालय में चल रही सुनवाई के दौरान कई चौंकाने वाले और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। जिला जज अरविंद मिश्रा की अदालत में तीसरे चरण की अंतिम बहस के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों के बयानों को जोड़ते हुए हत्या की कड़ियों और आरोपियों की भूमिका को साफ करने की कोशिश की।
पत्नी के अफेयर की थी भनक, मां से कहा था— ‘जान को खतरा है’
अदालत में हुई बहस के दौरान जिला शासकीय अधिवक्ता ने मृतक सौरभ की मां रेणू के बयान को मामले की सबसे अहम कड़ी के रूप में पेश किया। मां के बयान के मुताबिक: “सौरभ को अपनी पत्नी मुस्कान और आरोपी साहिल शुक्ला के बीच अवैध संबंधों की भनक पहले ही लग चुकी थी। उसने अपनी मां से डर जाहिर करते हुए आशंका जताई थी कि मुस्कान और साहिल मिलकर उसकी जान ले सकते हैं या उसे बड़ा नुकसान पहुंचा सकते हैं।”
घटना की रात आरोपी को घर जाते देखने वाले दोस्त ने दी गवाही
इस पूरे मामले में मृतक के करीबी दोस्त सौरभ कुमार की गवाही अभियोजन पक्ष के तर्कों का दूसरा सबसे बड़ा आधार बनी है। दोस्त ने अदालत में गवाही देते हुए दावा किया कि जिस रात यह जघन्य हत्याकांड हुआ, उस रात उसने आरोपी साहिल शुक्ला को सौरभ और मुस्कान के घर की तरफ जाते हुए साफ देखा था। इसके कुछ समय बाद ही उसे सौरभ की हत्या की खबर मिली।
आज होगी चौथे चरण की अंतिम बहस
मेरठ के इस सबसे चर्चित हत्याकांड पर पूरे शहर की नजर बनी हुई है। तीसरे दौर की तीखी बहस के बाद, अब आज यानी शुक्रवार (05 जून) को चौथे चरण की अंतिम बहस होनी तय हुई है। इसके बाद अदालत दोनों पक्षों की दलीलों और पेश किए गए पुख्ता सबूतों के आधार पर अपना फैसला सुरक्षित कर सकती है।
शासकीय अधिवक्ताओं ने जताया मुख्यमंत्री का आभार
इसी अदालती कार्यवाही के बीच, मेरठ जिला न्यायालय परिसर में जिला शासकीय अधिवक्ता कृष्ण कुमार चौबे की अध्यक्षता में एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में मौजूद सभी शासकीय अधिवक्ताओं ने अपनी लंबे समय से लंबित मांग पूरी होने यानी ‘मानदेय बढ़ाए जाने’ पर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त किया।

