आरएसएस के पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र का ‘कार्यकर्ता विकास वर्ग-प्रथम’ प्रशिक्षण
विशेष प्रशिक्षण वर्ग के शिक्षार्थियों ने भव्य पथ संचलन आयोजित किया
लखनऊ। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के ‘कार्यकर्ता विकास वर्ग-प्रथम’ प्रशिक्षण के अन्तर्गत लखनऊ की सड़कें राष्ट्रभक्ति और अद्वितीय अनुशासन की गवाह बनीं। निराला नगर स्थित सरस्वती कुंज में बीते 22 मई से संचालित हो रहे इस विशेष प्रशिक्षण वर्ग के शिक्षार्थियों ने शाम को एक भव्य पथ संचलन आयोजित किया। अधिक ज्येष्ठ मास कृष्ण पक्ष चतुर्थी, विक्रम संवत् 2083 के पावन अवसर पर ठीक शाम 6 बजे जैसे ही संघ के घोष (बैंड) की मधुर और ओजस्वी स्वर-रचनाएं गूंजीं, वैसे ही स्वयंसेवकों के कदम से कदम मिलाकर चलने का सिलसिला शुरू हो गया। इस संचलन के माध्यम से शिक्षार्थियों ने संघ की पारंपरिक संगठन शक्ति, कड़े अनुशासन और सामूहिक भावना का बेहद प्रभावी प्रदर्शन किया।
सरस्वती कुंज से प्रारंभ होकर यह भव्य संचलन आठ नम्बर चौराहा, विवेकानन्दपुरी और महानगर होते हुए आईटी मेट्रो स्टेशन (अयोध्या मार्ग) पहुंचा। यहाँ से आईटी चौराहा तथा श्री रामकृष्ण मठ के सामने से गुजरते हुए संचलन वापस अपने वर्ग स्थल पर आकर संपन्न हुआ। पूरे मार्ग में राष्ट्रभक्ति का माहौल इस कदर हावी था कि स्थानीय नागरिकों, महिलाओं और बच्चों ने कतारबद्ध होकर जगह-जगह स्वयंसेवकों का जोरदार स्वागत किया और उन पर जमकर पुष्पवर्षा की।
इस प्रशिक्षण वर्ग की महत्ता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें काशी, कानपुर, गोरक्ष एवं अवध प्रांतों के कुल 289 चुनिंदा कार्यकर्ता कड़ा अभ्यास और वैचारिक प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। स्वयंसेवकों के इस शानदार मार्च पास्ट का अवलोकन करने के लिए महानगर-10 (अयोध्या मार्ग स्थल) पर संघ के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। इनमें प्रशिक्षण वर्ग के सर्वाधिकारी सरदार स्वर्ण सिंह जी, वर्ग कार्यवाह डॉ. देवेन्द्र अस्थाना, वर्ग पालक मिथिलेश नारायण जी, क्षेत्र प्रचारक अनिल जी, क्षेत्र शारीरिक शिक्षण प्रमुख अखिलेश जी तथा क्षेत्र प्रचार प्रमुख सुभाष चंद्र जी सहित अन्य गणमान्य पदाधिकारियों ने उपस्थित रहकर स्वयंसेवकों का उत्साहवर्धन किया। पूरे नगर में इस संचलन ने अनुशासन की एक अमिट छाप छोड़ी।

