उत्तर प्रदेश भोले शंकर के जयकारों से गूंजा, प्राचीन शिवालयों में कांवड़ियों का जलाभिषेक जारी
लखनऊ समेत कई जिलों में बारिश के बीच लाखों श्रद्धालु और कांवड़िए बाबा भोलेनाथ के जलाभिषेक
लखनऊ। सावन मास के पहले सोमवार पर आज समूचा उत्तर प्रदेश ‘बम-बम भोले’ और ‘हर हर महादेव’ के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा है। लखनऊ समेत कई जिलों में तड़के से हो रही रिमझिम बारिश के बीच लाखों श्रद्धालु और कांवड़िए बाबा भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए मंदिरों के बाहर कतारबद्ध हैं। वाराणसी के काशी विश्वनाथ से लेकर कानपुर के परमट और मेरठ के औघड़नाथ तक रात से ही आस्था का ज्वार उमड़ पड़ा है।
- काशी विश्वनाथ में पुष्प वर्षा, संभल में झाड़ू चढ़ाने की अनूठी परंपरा:
वाराणसी में श्री काशी विश्वनाथ धाम को भव्य रूप से सजाया गया है, जहाँ बाबा का ‘श्री शंकर स्वरूप’ श्रृंगार किया गया है और श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा की जा रही है। वहीं संभल के 118 वर्ष पुराने प्राचीन पातालेश्वर शिव मंदिर में भोलेनाथ को झाड़ू अर्पित करने की सदियों पुरानी परंपरा निभाते हुए हजारों श्रद्धालु पहुंचे हैं।
- कानपुर से मेरठ तक देर रात से ही लगीं लंबी कतारें:
कानपुर के ऐतिहासिक श्री आनंदेश्वर मंदिर में लगभग 3 लाख शिवभक्तों के पहुंचने का अनुमान है। मेरठ के औघड़नाथ और सिद्धपीठ बाबा बिल्वेश्वरनाथ महादेव मंदिर में तड़के 4 बजे मंगला आरती और विशेष श्रृंगार के बाद जलाभिषेक शुरू हुआ, जहाँ 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं का आगमन जारी है।
- चाक-चौबंद सुरक्षा: एंटी-ड्रोन तकनीक और 5000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात:
योगी सरकार के निर्देशों पर प्रदेशभर के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था की गई है। वाराणसी को 5 जोन और 15 सेक्टरों में बांटकर एंटी-ड्रोन प्रणाली व जियो-फेंसिंग लागू की गई है। मेरठ, बागपत और कानपुर के प्रमुख मंदिरों में पीएसी, आरएएफ और सीसीटीवी कैमरों से चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है।
- कांवड़ियों के लिए सुरक्षित लेन और रूट डायवर्जन:
प्रयागराज-वाराणसी राजमार्ग की एक लेन को पूरी तरह कांवड़ियों के लिए आरक्षित रखा गया है। संभल, कानपुर और मेरठ में भारी वाहनों का प्रवेश रोककर रूट डायवर्ट किया गया है।
- महिला शिवभक्तों के लिए ‘आपदा सखियां’ व विशेष महिला फोर्स मुस्तैद:
प्रयागराज के घाटों पर बड़ी संख्या में महिला शिवभक्त गंगा-यमुना का पवित्र जल लेकर काशी के लिए प्रस्थान कर रही हैं। महिला श्रद्धालुओं की सहायता और सुरक्षा के लिए घाटों पर महिला पुलिस बल के साथ ‘आपदा सखियों’ की विशेष तैनाती की गई है।

