यूपी विधान सभा के मानसून सत्र के पहले दिन कार्यवाही दिवंगत जनप्रतिनिधियों को श्रद्धांजलि को समर्पित रही
मुख्यमंत्री ने आजमगढ़ निज़ामाबाद के विधायक रहे सपा नेता आलमबदी व 21 पूर्व विधायकों के निधन पर जताया गहरा शोक
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधान सभा के मानसून सत्र के पहले दिन की कार्यवाही पूरी तरह से दिवंगत जनप्रतिनिधियों के सम्मान और श्रद्धांजलि को समर्पित रही। सदन के पटल पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शोक प्रस्ताव रखते हुए आजमगढ़ के निज़ामाबाद निर्वाचन क्षेत्र से पांच बार विधायक रहे वरिष्ठ सपा नेता आलमबदी तथा 21 अन्य पूर्व विधायकों के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी और पूरे सदन की ओर से गहरी संवेदना प्रकट की।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में वरिष्ठ नेता आलमबदी के लंबे और निष्कलंक राजनीतिक जीवन को याद करते हुए कहा कि उनके निधन से उत्तर प्रदेश ने एक बेदाग छवि वाला, समर्पित और कुशल जनप्रतिनिधि खो दिया है। आलमबदी का निधन 23 जुलाई, 2026 को 90 वर्ष से अधिक की आयु में हुआ, वे लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। 16 मार्च, 1936 को आजमगढ़ के विन्दवल में जन्मे आलमबदी ने अपना पूरा जीवन जनसेवा, शिक्षा के प्रसार और समाज के गरीब व वंचित वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया था।
सदन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आलमबदी इस सदन के अत्यंत वरिष्ठ एवं सम्मानित सदस्यों में से एक थे। वे सर्वप्रथम वर्ष 1996 के मध्यावधि चुनाव में निज़ामाबाद से विधान सभा सदस्य चुने गए थे। इसके बाद वे वर्ष 2002, 2012, 2017 तथा 2022 के सामान्य चुनावों में भी लगातार विजयी होकर सदन में आए। वे विधान सभा की आचार समिति सहित विभिन्न महत्वपूर्ण समितियों के सक्रिय सदस्य भी रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि उम्र के अंतिम पड़ाव में भी उनकी राजनीतिक सक्रियता और अपने क्षेत्र की जनता के प्रति निष्ठा सभी जनप्रतिनिधियों के लिए एक आदर्श और प्रेरणा स्रोत है। उनका बार-बार चुना जाना यह साबित करता है कि यदि कोई नेता जनता के सुख-दुख में हमेशा खड़ा रहे, तो उम्र कभी बाधक नहीं बनती।
आलमबदी के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने राज्य के 21 अन्य दिवंगत पूर्व विधायकों के योगदान को भी याद किया और उनके प्रति भावभरी श्रद्धांजलि अर्पित की। इनमें भोला पाण्डेय, अमिताभ लवानियां, सुब्बा राम, जगरनाथ चौधरी, रामप्यारे आजाद, गोपीनाथ वर्मा, यशपाल सिंह, राधेश्याम भारतीय, संग्राम सिंह, हरिनारायन राजभर, डॉ0 भगवत दयाल, अरुण कुमार सिंह मुन्ना, ओमवती देवी, मोहर सिंह, अफसर यू0 अहमद, तेज भान सिंह, रुद्र प्रताप सिंह, प्यारे लाल शंखवार, ओमकार सिंह, राजेन्द्र त्रिपाठी तथा हनुमंत सिंह शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने विधान सभा अध्यक्ष से अनुरोध किया कि वे पूरे सदन की शोक संवेदनाओं को शोक संतप्त परिवारों तक पहुंचाने की व्यवस्था करें।
मुख्यमंत्री के वक्तव्य के पश्चात विधान सभा के अन्य दलीय नेताओं एवं सदस्यों ने भी दिवंगत नेताओं के व्यक्तित्व और कृतित्व को याद करते हुए अपने विचार व्यक्त किए। इसके बाद पूरे सदन ने खड़े होकर दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित की। शोक की इस गंभीर घड़ी में अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही को दिनभर के लिए स्थगित कर दिया। अब सदन की अगली कार्यवाही मंगलवार, 04 अगस्त को वित्तीय वर्ष 2026-27 के प्रथम अनुपूरक बजट के प्रस्तुतीकरण के साथ शुरू होगी।

