आयोजित सत्र में ‘एआई और साहित्य’के अंतर्संबंधों पर देश के रचनाकार करेंगे मंथन
मुख्य आतिथि होंगे प्रख्यात कथाकार राजेन्द्र राव और कथाकार रजनी गुप्त का होगा वक्तव्य
लखनऊ। हिंदी कथा साहित्य की समृद्ध परंपरा और वैचारिक विमर्श को समर्पित प्रतिष्ठित अखिल भारतीय संस्था ‘कथाक्रम’ की श्रृंखला का 34वाँ वार्षिक समारोह ‘कथाक्रम 2026′ आगामी 22 नवंबर 2026 को राजधानी लखनऊ के निशातगंज (गुरुद्वारा रोड) स्थित कैफी आजमी सभागार में आयोजित होने जा रहा है। पूर्वाहन 10:30 बजे से प्रारंभ होने वाले इस एकदिवसीय साहित्यिक अनुष्ठान का केंद्रीय विषय ‘एआई : साहित्य, चुनौतियां और भविष्य’ रखा गया है।
समारोह के प्रथम सत्र में हिंदी साहित्य को अपनी रचनाओं से समृद्ध करने वाले वरिष्ठ कथाकार संतोष दीक्षित को उनकी विशिष्ट साहित्यिक साधना के लिए ‘आनंद सागर स्मृति कथाक्रम सम्मान 2026′ से अलंकृत किया जाएगा। इस गरिमामयी सम्मान सत्र के मुख्य अतिथि प्रख्यात कथाकार राजेन्द्र राव होंगे, जबकि चर्चित कथाकार रजनी गुप्त सम्मानित रचनाकार के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर अपना विस्तृत वक्तव्य प्रस्तुत करेंगी।
सम्मान सत्र के बाद पूर्वाहन 12 बजे से समकालीन समय के अत्यंत प्रासंगिक विषय ‘एआई : साहित्य, चुनौतियां और भविष्य’ पर एक विचारोत्तेजक संगोष्ठी का आयोजन होगा। इस सत्र में देश और प्रदेश के जाने-माने साहित्यकार, लेखक और आलोचक वर्तमान दौर में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के बढ़ते प्रभाव, सर्जकता पर इसके असर और भविष्य की साहित्यिक चुनौतियों पर गहन मंथन करेंगे।
इस बौद्धिक संवाद में प्रख्यात कथाकार प्रियंवद, विनोद तिवारी, पवन माथुर, गरिमा श्रीवास्तव, आशीष त्रिपाठी, विशाल पांडे, संतोष चौबे, अमरीक सिंह दीप, योगिता यादव, राकेश बिहारी, सारंग उपाध्याय, अनिल यादव, चंदन पांडे, अमित श्रीवास्तव सहित कई प्रतिष्ठित लेखक एवं स्थानीय रचनाकार अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। कथाक्रम आयोजन समिति के सदस्य शिवमूर्ति, राकेश, रजनी गुप्त, शैलेन्द्र सागर और वीरेन्द्र सारंग ने इस विशिष्ट संवाद एवं सम्मान समारोह में सभी साहित्य प्रेमियों को आमंत्रित किया है।

