यूपी: फार्म-6 दोबारा भरने से बचें, सीएससी संचालकों को मिलेगा प्रशिक्षण, निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश जारी

Anoop

November 6, 2026

यूपी में मतदाता सूची में गड़बड़ी और डुप्लिकेट प्रविष्टियों को रोकने के लिए सीएससी संचालकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा

फॉर्म-6 में मोबाइल नंबर दर्ज करना अनिवार्य होगा व ई-साइन के बाद जनरेट रेफरेंस नंबर को आवेदक के साथ साझा करना होगा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए फार्म-6 बार-बार भरने से होने वाली बहुप्रविष्टियों (डुप्लिकेट एंट्री) को रोकने के लिए जन सुविधा केंद्र (सीएससी) संचालकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने इस संबंध में राज्य के सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को आवश्यक दिशानिर्देश जारी किए हैं।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि फार्म-6 भरते समय आवेदक का सही और सक्रिय मोबाइल नंबर ही दर्ज किया जाए। आवेदन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आवेदक को रेफरेंस नंबर देना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए। अक्सर नेटवर्क समस्या के कारण आवेदक के मोबाइल पर रेफरेंस नंबर का मैसेज नहीं पहुँच पाता, जिससे भ्रमवश वे दोबारा आवेदन कर देते हैं और मतदाता सूची में एक ही व्यक्ति के कई नाम दर्ज हो जाते हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि फार्म-6 का अंतिम सबमिशन ई-साइन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही माना जाता है। आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी को दर्ज करने के बाद ई-साइन संपन्न होता है और रेफरेंस नंबर जनरेट होकर दर्ज मोबाइल पर भेजा जाता है। यदि किसी कारणवश मैसेज प्राप्त न हो, तो सीएससी संचालकों को निर्देश दिया गया है कि वे ई-साइन के बाद स्क्रीन पर दिखने वाले रेफरेंस नंबर का स्क्रीनशॉट लें या उसे नोट करके आवेदक को तुरंत साझा करें, ताकि दोबारा आवेदन करने की आवश्यकता न पड़े।

इसके अलावा, फार्म में पूरा पता और सही पिन कोड दर्ज करने पर विशेष बल दिया गया है, क्योंकि मतदाता पहचान पत्र (ईपीआईसी) स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेजा जाता है और गलत पते की स्थिति में कार्ड वापस लौट सकता है। बहुप्रविष्टियों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए ईआरओ, एईआरओ और बीएलओ के माध्यम से जन जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।

आवेदन में मोबाइल नंबर दर्ज कराने के प्रमुख लाभ:

  • आवेदन सफलतापूर्वक जमा होने की पुष्टि और रेफरेंस नंबर मोबाइल पर प्राप्त होगा।
  • रेफरेंस नंबर के जरिए आवेदन की वर्तमान स्थिति को आसानी से ट्रैक किया जा सकेगा।
  • पते, फोटो, आयु प्रमाण पत्र या अन्य दस्तावेजों में कमी होने पर त्वरित सूचना मिलेगी।
  • रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर की मदद से ई-ईपीआईसी (डिजिटल वोटर कार्ड) डाउनलोड किया जा सकेगा।
  • मतदाता पहचान पत्र संख्या भूल जाने या याद न रहने पर भी वोटर पोर्टल या ईसीआईनेट ऐप से आसानी से अपना विवरण प्राप्त किया जा सकेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *