यूपी चुनाव 2026: मायावती बोलीं- प्रदेश में उम्मीदवार मैं ही तय कर रही, आकाश आनंद को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम में सच्चाई नहीं

Anoop

July 31, 2026

बोलीं- ‘प्रदेश में प्रत्याशी मैं ही तय कर रही, आकाश आनंद को लेकर फैलाई जा रही अफवाहें

बसपा सुप्रीमो मायावती ने साफ की स्थिति: यूपी में 20 से अधिक उम्मीदवार तय अफ़वाहें निराधार

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी की रणनीति और अपने उत्तराधिकारी आकाश आनंद की भूमिका पर स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है। बसपा सुप्रीमो ने स्पष्ट किया है कि उत्तर प्रदेश में सभी सीटों पर उम्मीदवारों का अंतिम चयन वही कर रही हैं और अब तक 20 से अधिक प्रत्याशियों के नाम फाइनल किए जा चुके हैं।

आकाश आनंद की भूमिका को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही तरह-तरह की अफ़वाहों को सिरे से खारिज करते हुए मायावती ने इन्हें निराधार और भ्रामक करार दिया।

20 से अधिक प्रत्याशी तय, प्रक्रिया जारी

लखनऊ स्थित बसपा प्रदेश कार्यालय में हुई राज्य स्तरीय समीक्षा बैठकों का उल्लेख करते हुए मायावती ने बताया कि प्रदेश और मंडल स्तर के पदाधिकारियों के साथ गहन विचार-विमर्श तथा उम्मीदवारों के साक्षात्कारों के बाद अब तक दो दर्जन के करीब प्रत्याशी तय किए जा चुके हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश में चाहे लोकसभा चुनाव हों या विधानसभा चुनाव, बीएसपी में उम्मीदवारों के नाम पर अंतिम मुहर लगाने का अधिकार हमेशा उनके पास ही रहा है और आगे भी रहेगा।

‘आकाश आनंद पूरी निष्ठा से निभा रहे जिम्मेदारी’

मायावती ने स्पष्ट किया कि पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद को लेकर जो खबरें उड़ाई जा रही हैं, वे सिर्फ भ्रम फैलाने का प्रयास हैं। उन्होंने बताया कि संगठन के निर्देश पर आकाश आनंद उन सीटों पर जाकर जनसभाएं कर रहे हैं जहाँ उनके (मायावती के) द्वारा प्रत्याशी तय किए जा चुके हैं।

उन्होंने कहा कि आकाश आनंद पिछले एक वर्ष से देशभर में संगठन की समीक्षा बैठकों और चुनावी रैलियों की जिम्मेदारी बेहद ईमानदारी और निष्ठा से संभाल रहे हैं। हाल के राज्यों के चुनावों, लोकसभा चुनाव और लखनऊ में आयोजित कांशीराम स्मारक महारैली में भी उन्हें महत्वपूर्ण भूमिका दी गई थी।

पार्टी कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने की हिदायत

बसपा प्रमुख ने कहा कि आकाश आनंद द्वारा जनसभाओं के माध्यम से प्रत्याशियों की घोषणा करना पार्टी की routine प्रक्रिया का हिस्सा है। इसका उनके राजनीतिक कद को बढ़ाने या घटाने से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने बीएसपी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर सक्रिय जातिवादी और शरारती तत्वों द्वारा फैलाए जा रहे दुष्प्रचार से पूरी तरह सावधान रहें।

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