“भूखे सो जाएंगे, लेकिन आपकी सुरक्षा से समझौता मंजूर नहीं”— कानपुर के छात्र ने पीएम मोदी को लिखा भावुक पत्र

Prashant

June 13, 2026

देशप्रेम और प्रधानमंत्री के प्रति अगाध श्रद्धा की एक अनोखी मिसाल सामने आई

कानपुर के छात्र ने पीएम को पत्र लिख वैश्विक संकट में उनके नेतृत्व के प्रति विश्वास जताया

कानपुरदुनियाभर में जारी उथल-पुथल, वैश्विक आर्थिक चुनौतियों और ईरान-इजरायल संघर्ष की खबरों के बीच कानपुर से देशप्रेम और प्रधानमंत्री के प्रति अगाध श्रद्धा की एक अनोखी मिसाल सामने आई है। कानपुर के एक छात्र आशुतोष यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बेहद भावुक पत्र लिखकर वैश्विक संकट के इस दौर में उनके नेतृत्व के प्रति अटूट विश्वास जताया है।

आशुतोष ने अपने पत्र में लिखा है कि देश की गरिमा और प्रधानमंत्री की सुरक्षा सर्वोपरि है, जिसके लिए देश का आम नागरिक हर मुश्किल झेलने को तैयार है। दरअसल, पिछले दिनों कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी सुरक्षा व्यवस्था पर होने वाले भारी-भरकम खर्चों में कटौती करने का विचार कर रहे हैं। इस खबर से चिंतित होकर आशुतोष ने पीएम को सीधे पत्र भेज दिया।

छात्र ने लिखा कि प्रधानमंत्री की सादगी, त्याग और मितव्ययिता (कम खर्च करने की आदत) पूरे देश के लिए प्रेरणादायक है, लेकिन वर्तमान वैश्विक माहौल को देखते हुए उनकी सुरक्षा देशहित में सबसे ज्यादा जरूरी है। आशुतोष ने लिखा, “आप सिर्फ एक जन-प्रतिनिधि नहीं हैं, बल्कि करोड़ों भारतीयों की उम्मीद, आस्था और प्रेरणा का प्रतीक हैं। आप इस देश की अमूल्य धरोहर हैं।”

वैश्विक स्तर पर जारी ऊर्जा संकट और सप्लाई चेन में हो रही दिक्कतों का जिक्र करते हुए आशुतोष ने प्रधानमंत्री के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संदेश की सराहना की। उन्होंने पीएम को भरोसा दिलाया कि उनका पूरा परिवार देशहित में किसी भी त्याग के लिए तैयार है। देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर बेवजह का दबाव न पड़े, इसके लिए उनके परिवार ने गैर-जरूरी विदेशी और आयातित सामानों पर अपनी निर्भरता कम करने का संकल्प लिया है।

पत्र के अंत में छात्र ने बेहद भावुक पंक्तियां लिखीं: “जरूरत पड़ने पर हम तंगहाली झेल लेंगे, भूखे सो जाएंगे, मगर भारत के स्वाभिमान, पहचान और संप्रभुता पर कोई आंच नहीं आने देंगे और आपकी सुरक्षा में रत्ती भर भी समझौता स्वीकार नहीं करेंगे।

कोरोना महामारी के संकट काल में देश को सही दिशा देने के लिए पीएम मोदी के नेतृत्व की तारीफ करते हुए छात्र ने उम्मीद जताई कि वर्ष 2047 तक भारत निश्चित रूप से एक विकसित राष्ट्र बनेगा। आशुतोष ने इस पत्र में अपनी दादी इंद्रानी देवी, पिता श्याम सिंह और माता सुधा यादव की तरफ से भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ढेरों शुभकामनाएं और आशीर्वाद भेजा है।

यह पत्र आज सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक चर्चा का विषय बना हुआ है। यह दिखाता है कि देश का एक साधारण परिवार भी अपने प्रधानमंत्री और राष्ट्र के प्रति कितनी संवेगात्मक गहराई और जुड़ाव रखता है।

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