उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन की नीतियों और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के खिलाफ बिजली कर्मचारियों का गुस्सा
उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन निविदा/संविदा कर्मचारी संघ ने शक्ति भवन में एक विशाल श्रद्धांजलि सभा की
लखनऊ। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन की नीतियों और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के खिलाफ बिजली कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा है। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन निविदा/संविदा कर्मचारी संघ द्वारा प्रदेश के विभिन्न जनपदों सहित लखनऊ स्थित शक्ति भवन में एक विशाल श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। यह सभा उन 22 आउटसोर्स कर्मचारियों की आत्मा की शांति के लिए रखी गई थी, जिन्होंने पिछले मात्र 37 दिनों के भीतर कार्य के दौरान अपनी जान गँवा दी।
नियमों के उल्लंघन से बढ़ीं दुर्घटनाएं
संघ का आरोप है कि पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन ने अपने ही 15 मई 2017 के आदेश का उल्लंघन किया है। इंडेंट में कटौती और ‘वर्टिकल व्यवस्था’ के नाम पर जहां 36 कर्मचारियों की जरूरत थी, वहां संख्या घटाकर बेहद कम कर दी गई। कर्मचारियों की इस भारी कमी के कारण मौजूदा स्टाफ पर काम का बोझ बढ़ गया है। स्थिति इतनी गंभीर है कि जहाँ 11 केवी फीडर पर एक पूरी गैंग (लाइनमैन, पेट्रोलमैन और श्रमिक) होनी चाहिए, वहां केवल एक कर्मचारी से काम लिया जा रहा है। साथ ही, अकुशल श्रमिकों से हाई-टेंशन (H.T) लाइनों और ट्रांसफार्मर जैसे जोखिम भरे कार्यों को कराया जा रहा है।
37 दिनों में 22 मौतें: डराने वाले आँकड़े
आंकड़ों के अनुसार, 22 अप्रैल 2026 से 28 मई 2026 के बीच प्रदेश में 36 आउटसोर्स कर्मचारी दुर्घटना का शिकार हुए। इनमें से 22 कर्मचारियों की दुखद मृत्यु हो गई, जबकि 14 अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। संगठन का मानना है कि वास्तविक आंकड़ा इससे भी अधिक हो सकता है क्योंकि कई दुर्घटनाओं की जानकारी दबी रह जाती है।
श्रद्धांजलि सभा में उमड़ा जनसैलाब
प्रबंधन का ध्यान इस गंभीर स्थिति की ओर खींचने के लिए आयोजित श्रद्धांजलि सभा में नियमित और आउटसोर्स कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक ई. शैलेन्द्र दुबे, अभियंता संघ के महासचिव जितेन्द्र सिंह गुर्जर और हाइड्रो इलेक्ट्रिक इम्प्लाइज के प्रमोद कुमार दीक्षित मौजूद रहे। शक्ति भवन के प्रबंध निदेशक के प्रतिनिधि के रूप में महाप्रबंधक (औ.सं) प्रदीप कुमार ने भी पुष्प अर्पित कर संवेदना व्यक्त की।

अधिकारी के व्यवहार पर उठे सवाल
एक ओर जहां पूरा विभाग शोक संतप्त था, वहीं पावर कॉरपोरेशन के निदेशक (का. प्र. एवं प्रशा.) श्री जान मैथ्यू के व्यवहार ने कर्मचारियों को आहत किया। आरोप है कि उन्होंने इस श्रद्धांजलि सभा में भाग लेने से साफ मना कर दिया। संघ ने इसे मानवीय संवेदनाओं को शर्मसार करने वाला व्यवहार बताते हुए कड़ी निंदा की है।

