सीएम योगी ने प्रधानमंत्री के सुशासन और जनकल्याण को समर्पित १२ वर्षों के सफल कार्यकाल पर दी बधाई
बोले- राज्य ‘विकसित भारत’ के संकल्प के अनुरूप ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ के निर्माण हेतु पूरी तरह प्रतिबद्ध रहेगा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रसेवा, सुशासन एवं जनकल्याण को समर्पित १२ वर्षों के सफलतम कार्यकाल के पूर्ण होने पर समस्त प्रदेशवासियों की ओर से बधाई दी है। प्रधानमंत्री को प्रेषित एक औपचारिक पत्र में मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके यशस्वी नेतृत्व में उत्तर प्रदेश आज आस्था और अर्थव्यवस्था का एक अद्भुत संगम बनकर उभरा है। उन्होंने संकल्प जताया कि राज्य ‘विकसित भारत’ की तर्ज पर ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ के निर्माण हेतु पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ राष्ट्र निर्माण में अपना सर्वोत्तम योगदान देता रहेगा।
लोक-कल्याणकारी योजनाओं का करोड़ों नागरिकों को मिला लाभ
मुख्यमंत्री ने पत्र में उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री के मूल मंत्र ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ ने देश को समृद्धि के नए प्रतिमान दिए हैं। उत्तर प्रदेश में इन जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन से जमीनी स्तर पर व्यापक बदलाव आए हैं:
- स्वच्छ भारत मिशन: राज्य में ३ करोड़ से अधिक शौचालयों का निर्माण।
- प्रधानमंत्री आवास योजना: लगभग ६५ लाख परिवारों को पक्के आवास की सुविधा।
- स्वास्थ्य सुरक्षा: आयुष्मान भारत योजना के तहत १० करोड़ पात्र नागरिकों को सुरक्षा कवच।
- खाद्य सुरक्षा: प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना से १५ करोड़ लोगों को निःशुल्क राशन।
- उज्ज्वला योजना: १.८६ करोड़ महिलाओं को धुएँ से मुक्ति।
- कृषि कल्याण: ३ करोड़ से अधिक किसानों को किसान सम्मान निधि के जरिए प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता।
रोजगार, कौशल विकास और औद्योगिक क्रांति
मार्गदर्शन के सकारात्मक प्रभावों को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘मिशन रोजगार’ के अंतर्गत ९ लाख से अधिक युवाओं को पारदर्शी प्रक्रिया से सरकारी सेवाओं में नियुक्तियां दी गई हैं। इसके अतिरिक्त, कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से २५ लाख युवाओं को प्रशिक्षित किया गया है। निवेश आधारित औद्योगिक विकास, एमएसएमई, ओडोपी (ODOP) और स्टार्टअप योजनाओं के समन्वय से प्रदेश में ३ करोड़ से अधिक रोजगार व स्वरोजगार के अवसर सृजित हुए हैं।
अवस्थापना विकास: ‘एक्सप्रेस-वे प्रदेश’ के रूप में पहचान
आधुनिक आधारभूत संरचना के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के अग्रणी बनने का जिक्र करते हुए पत्र में कहा गया कि दिल्ली-मेरठ १२-लेन एक्सप्रेस-वे, नमो भारत (RRTS), देश का प्रथम इनलैंड वाटर-वे और ईस्टर्न-वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर ने कनेक्टिविटी को नई ऊंचाइयां दी हैं। विश्वस्तरीय एक्सप्रेस-वे श्रृंखला के कारण आज उत्तर प्रदेश की पहचान देश में ‘एक्सप्रेस-वे प्रदेश’ के रूप में सुदृढ़ हुई है। स्मार्ट सिटी मिशन, मेट्रो परियोजनाओं और औद्योगिक कॉरिडोर ने व्यापार तथा पर्यटन को नई गति दी है।
कानून का राज और सुदृढ़ अर्थव्यवस्था
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री की प्रेरणा से उत्तर प्रदेश में ‘रूल ऑफ लॉ’ स्थापित हुआ है, जिससे राज्य माफिया-मुक्त, दंगा-मुक्त और भयमुक्त वातावरण की पहचान बना चुका है। सुरक्षित माहौल के कारण निवेश में भारी वृद्धि हुई है, जिसके परिणामस्वरूप:
- प्रदेश की अर्थव्यवस्था वर्ष २०१७ की तुलना में लगभग तीन गुना हो चुकी है।
- प्रति व्यक्ति आय में लगभग तीन गुना की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
- बेरोजगारी दर १८ प्रतिशत से घटकर लगभग ३ प्रतिशत के न्यूनतम स्तर पर आ गई है।
अंत में मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इन ऐतिहासिक सुधारों के साथ उत्तर प्रदेश वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की ओर तीव्र गति से अग्रसर है।

