भूमि अधिग्रहण में किसानों को मिले ऐतिहासिक मुआवजे व सर्किल रेट में हुई बढ़ोतरी की खुशी
भव्य कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों, जनप्रतिनिधियों व स्थानीय नागरिकों ने हिस्सा लिया
लखनऊ। भूमि अधिग्रहण में किसानों को मिले ऐतिहासिक मुआवजे और सर्किल रेट में हुई बढ़ोतरी की खुशी में आयोजित “किसान धन्यवाद सभा” भारी जनसमर्थन और उत्साह का केंद्र बनी। इस भव्य कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों ने हिस्सा लिया। सरोजनी नगर में आयोजित हुई सभा में अखिल भारतीय किसान संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजेश सिंह चौहान के प्रयासों की जमकर सराहना की गई।
वक्ताओं ने कहा कि राजेश चौहान लंबे समय से ग्रामीण स्तर पर जाकर किसानों को जागरूक कर रहे हैं और उनकी समस्याओं को शासन-प्रशासन के सामने मजबूती से उठा रहे हैं। इस सफल आयोजन ने एक बार फिर किसानों के प्रति उनके समर्पण को साबित किया है। अखिल भारतीय किसान संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदीप सिंह ने भी प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व को सराहा। उन्होंने कहा कि संगठन लगातार किसानों के अधिकारों के लिए जमीन पर काम कर रहा है। सरोजिनीनगर आज किसान हितैषी विकास का एक बड़ा उदाहरण बनकर उभरा है, जहां किसानों को न्यायपूर्ण मुआवजा और सम्मान दोनों मिल रहे हैं।
कार्यक्रम में यह बात प्रमुखता से सामने आई कि स्थानीय विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने भूमि अधिग्रहण, उचित मुआवजे और सर्किल रेट वृद्धि जैसे संवेदनशील मुद्दों को शासन स्तर पर प्रभावी ढंग से उठाया। इसी का परिणाम है कि सरोजिनीनगर क्षेत्र के किसानों को यूपीडा के अंतर्गत प्रदेश में सबसे अधिक और सम्मानजनक मुआवजा प्राप्त हुआ है।
मेधावी छात्रा और पीड़ित परिवार की मदद की गई। इस मंच से सामाजिक सरोकारों को भी बढ़ावा दिया गया। हाईस्कूल परीक्षा में 95 प्रतिशत अंक हासिल करने वाली मेधावी छात्रा कुमारी श्वेता गौतम को आगे की पढ़ाई के लिए लैपटॉप देकर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही, ग्राम गुदौली के दिवंगत किसान स्वर्गीय प्रताप सिंह के परिवार को ढांढस बंधाते हुए विधायक की ओर से ₹1 लाख की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की गई।

समारोह में एसीपी राजेश वर्मा, तहसीलदार, विधायक प्रतिनिधि इंजीनियर अजीत सिंह सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन किसान हित, सामाजिक समरसता और क्षेत्र के समग्र विकास के संकल्प के साथ हुआ। क्षेत्र के किसानों ने एकजुट होकर कहा कि राजेश चौहान जैसे जमीन से जुड़े नेतृत्व के कारण अब उनकी समस्याओं का न केवल समाधान हो रहा है, बल्कि उन्हें उनका वास्तविक अधिकार भी मिल रहा है।

