ऐशबाग स्थित ऐतिहासिक रामलीला ग्राउंड में 18वें सपादलक्ष रुद्राभिषेक का शुभारंभ
आयोजक अमरनाथ मिश्र ने जानकारी देते हुए बताया कि कुल 27 चौकियाँ बनाई गईं
लखनऊ। भगवान शिव की अहैतुकी कृपा से शिव सेवा परिवार की ओर से श्रावण मास कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा गुरुवार को ऐशबाग स्थित ऐतिहासिक रामलीला ग्राउंड में 18वें सपादलक्ष रुद्राभिषेक का शुभारंभ अत्यंत हर्षोल्लास और भक्तिमय वातावरण में हुआ। परिवारीजनों के साथ पहुंचे अनेक श्रद्धालुओं ने सावन माह में देवाधिदेव के “हर-हर महादेव” और “जय शिव शंभू” के गगनभेदी जयघोषों से प्रांगण गुंजायमान हो उठा।
वैदिक परंपरा के अनुसार कार्यक्रम के प्रमुख आचार्य पं गिरजाशंकर दीक्षित, पं शिवशंकर पाण्डेय एवं डॉ. योगेश व्यास ने पाँच सहयोगी आचार्यों के साथ मिलकर मंत्रोच्चार के बीच भगवान शिव और उनके परिवार का षोडशोपचार पूजन संपन्न कराया। इस दिव्य अनुष्ठान में देव आवाहन, पाद्य, अर्घ्य, आचमन, स्नान, सुगंधित जलाभिषेक से लेकर वस्त्र, यज्ञोपवीत, चंदन, अक्षत, मिश्रित अन्न, गुलाल, बेलपत्र, पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य, ऋतु-फल, दक्षिणा, महाआरती और पुष्पांजलि जैसे सभी वैदिक सोपान पूर्ण किए गए। अंत में आचार्यों और श्रद्धालुओं ने देव विसर्जन के साथ सभी की मनोकामना पूर्ति एवं संपूर्ण संसार के लोककल्याण की कामना की।
आयोजक अमरनाथ मिश्र ने जानकारी देते हुए बताया कि परिसर में कुल 27 चौकियाँ बनाई गई थीं, जिन पर शिव परिवार के साथ 5,500 रुद्र विराजमान किए गए। यहाँ हजारों श्रद्धालुओं ने एक साथ बैठकर सामूहिक रुद्राभिषेक और पूजन किया। उन्होंने बताया कि भगवान आशुतोष के जलाभिषेक के लिए विशेष रूप से ऋषिकेश से 540 लीटर पवित्र गंगाजल और 3 कुंतल शुद्ध गौ-दूध मंगवाया गया था। इस दौरान शहर के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु इकट्ठा रहे।

