उन्नाव के ‘डॉक्टर डेविल’ की खौफनाक साजिश: शादी का झांसा देकर शोषण, फिर स्कार्पियो में गला घोंटकर युवती को उतारा मौत के घाट

Anoop

June 4, 2026

उन्नाव में अस्पताल चलाने वाले संचालक देवकांत उत्तम ने बर्रा निवासी युवती की बेरहमी से की हत्या

अपने खिलाफ यौन शोषण का मुकदमा दर्ज होने से नाराज होकर घटना को संचालक ने दिया अंजाम

कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर और उन्नाव संभाग से एक रूह कँपा देने वाला हत्याकांड सामने आया है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। उन्नाव में अस्पताल चलाने वाले संचालक देवकांत उत्तम ने अपने खिलाफ यौन शोषण का मुकदमा दर्ज होने से नाराज होकर बर्रा निवासी एक युवती की बेरहमी से हत्या कर दी। साक्ष्य मिटाने के लिए मृतका के शव को निर्वस्त्र कर बुलंदशहर के एक आम के बगीचे में फेंक दिया गया था। पुलिस ने मुख्य आरोपी के आत्मसमर्पण और उसके भतीजे की गिरफ्तारी के बाद इस सनसनीखेज ‘मर्डर मिस्ट्री’ का पर्दाफाश कर दिया है।

कार में ही घोंट दिया गला

पुलिस जांच के अनुसार, यह खौफनाक वारदात बीती 21 मई को अंजाम दी गई। मुख्य आरोपी देवकांत उत्तम ने साजिश के तहत अपने भतीजे विवेक पटेल से युवती को फोन करवाया और उसे मिलने के बहाने बर्रा बाईपास (हाईवे) पर बुलाया। जैसे ही युवती उनकी स्कार्पियो कार में आकर बैठी, कार चला रहे विवेक की मौजूदगी में देवकांत ने कार के भीतर ही उसका गला घोंटकर उसे मौत की नींद सुला दिया।

लाश को निर्वस्त्र कर बाग में फेंका

हत्याकांड को अंजाम देने के बाद दोनों शव को कार में लेकर उन्नाव के शेखपुर स्थित अपने उत्तम हॉस्पिटल पहुंचे। वहां देवकांत कार से उतर गया और उसने अपने भतीजे विवेक व अस्पताल के सुरक्षा गार्ड अजीत सिंह को शव ठिकाने लगाने की जिम्मेदारी सौंपी। विवेक और अजीत उसी रात शव को गंगा एक्सप्रेसवे के रास्ते बुलंदशहर के जहांगीराबाद थाना क्षेत्र स्थित अल्हौड़ गांव ले गए। पहचान छुपाने की नीयत से उन्होंने शव को पूरी तरह निर्वस्त्र किया और आम के एक बाग में फेंक कर फरार हो गए।

कलावे और नाक की कील से हुई शिनाख्त

बुलंदशहर पुलिस को 22 मई की सुबह अज्ञात युवती का शव बरामद हुआ था। शिनाख्त न होने के कारण पुलिस ने 24 मई को पोस्टमार्टम के बाद लावारिस के रूप में उसका अंतिम संस्कार कर दिया। इधर, 24 मई को ही कानपुर के बर्रा थाने में मृतका की मां ने देवकांत पर बेटी के अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई। जब कानपुर पुलिस तफ्तीश करते हुए विवेक को साथ लेकर बुलंदशहर पहुंची, तब इस अज्ञात शव का मामला खुला। मृतका की माँ ने उसके हाथ पर बंधे कलावे और नाक की कील को देखकर अपनी बेटी की पहचान की।

गुमराह करने के लिए भतीजे ने रची खुद पर हमले की कहानी

पुलिस को भटकाने के लिए आरोपी भतीजे विवेक पटेल ने 28 मई को एक नई कहानी रची। उसने पुलिस को सूचना दी कि मृतका और उसके दो परिचितों (मनु अवस्थी और राज सिंह) ने उसे बंधक बनाकर गोली मार दी है। उसे हैलट अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन 30 मई को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद जब पुलिस ने उससे कड़ाई से पूछताछ की, तो वह टूट गया और पूरी साजिश उगल दी। इसके बाद मुख्य आरोपी देवकांत उत्तम ने भी सोमवार को बर्रा थाने पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया।

शोषण, ब्लैकमेलिंग और जबरन गर्भपात का इतिहास

इस खौफनाक अंत की शुरुआत साल 2024 में हुई थी। पुलिस भर्ती की तैयारी कर रही पीड़ित युवती इलाज के लिए उन्नाव के उत्तम हॉस्पिटल गई थी, जहाँ संचालक देवकांत ने उसका नंबर ले लिया। शादी का झांसा देकर देवकांत ने कानपुर के एक फ्लैट और जुलाई 2025 में मध्य प्रदेश के ओरछा स्थित एक होटल में उसका शारीरिक शोषण किया।

जब युवती गर्भवती हुई और उसने शादी का दबाव बनाया, तो 1 अगस्त 2025 को कल्याणपुर के एक निजी अस्पताल में उसका जबरन गर्भपात करा दिया गया। इसके बाद जब युवती ने दूरी बनानी चाही, तो आरोपी उसकी अश्लील तस्वीरें और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसे ब्लैकमेल करने लगा। तंग आकर युवती ने 19 मई को उन्नाव कोतवाली में देवकांत के खिलाफ यौन शोषण का मुकदमा दर्ज कराया था, जिसके ठीक दो दिन बाद उसकी हत्या कर दी गई।

कड़ी धाराओं में होगी कार्रवाई

डीसीपी दक्षिण दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि पुलिस ने फरार चल रहे अस्पताल के गार्ड अजीत सिंह की तलाश तेज कर दी है। पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ हत्या, साक्ष्य मिटाने और आपराधिक साजिश सहित विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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