‘आबे मेमोरियल कॉरिडोर’ का लोकार्पण: काशी में संजोई गई भारत-जापान मित्रता की अटूट स्मृतियां

Anoop

October 8, 2026

वाराणसी के रुद्राक्ष कन्वेंशन सेण्टर में सीएम योगी और अकी आबे ने किया उद्घाटन; ‘नमो बुक फेस्ट’ का भी किया अवलोकन

सीएम बोले-रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर की बाहरी दीवारों पर लगे 108 प्रतीकात्मक रुद्राक्ष जापान के लोगों के लिए विशेष आध्यात्मिक महत्व रखते हैं

वाराणसी/लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को वाराणसी स्थित रुद्राक्ष इण्टरनेशनल कन्वेंशन सेण्टर में जापान के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय शिंजो आबे की पत्नी अकी आबे की गरिमामयी उपस्थिति में संयुक्त रूप से ‘आबे मेमोरियल कॉरिडोर’ का भव्य लोकार्पण किया। यह स्मृति गलियारा स्व0 शिंजो आबे द्वारा भारत-जापान के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और कूटनीतिक संबंधों को मजबूत करने में दिए गए अतुलनीय योगदान को समर्पित एक जीवंत प्रतीक है।

लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह स्मृति गलियारा उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं 140 करोड़ भारतवासियों की ओर से स्व0 शिंजो आबे को विनम्र श्रद्धांजलि है। उन्होंने 07 अक्टूबर 2001 को प्रधानमंत्री मोदी द्वारा गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में पहली बार शपथ लेने के 25 वर्ष पूर्ण होने का उल्लेख करते हुए कहा कि पीएम मोदी और स्व0 शिंजो आबे की ऐतिहासिक मित्रता की नींव उसी दौर में पड़ी थी, जो पद से नहीं बल्कि अटूट विश्वास से बनी थी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2027 में भारत-जापान राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं और यह कॉरिडोर उस ‘अमृत पर्व’ की पहली भेंट है। उत्तर प्रदेश में जापानी निवेश की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट क्षेत्र में 500 एकड़ में जापानी सिटी विकसित की जा रही है तथा ‘इन्वेस्ट यूपी’ में ‘यामानाशी डेस्क’ की स्थापना की गई है।

कार्यक्रम में उपस्थित स्व0 शिंजो आबे की पत्नी अकी आबे ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए काशी और क्योटो की प्राचीन सांस्कृतिक समानता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर की बाहरी दीवारों पर लगे 108 प्रतीकात्मक रुद्राक्ष जापान के लोगों के लिए विशेष आध्यात्मिक महत्व रखते हैं, जहाँ नववर्ष की पूर्व संध्या पर बौद्ध मंदिरों में 108 बार घंटियाँ बजाकर मानवीय बुराइयों के शमन की प्रार्थना की जाती है। उन्होंने वर्ष 2015 में अपने पति द्वारा काशी में देखी गई भव्य गंगा आरती को याद करते हुए कहा कि आज वाराणसी आकर उनका सपना साकार हुआ है। समारोह के उपरांत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और श्रीमती अकी आबे ने रुद्राक्ष परिसर में आयोजित दो दिवसीय ‘नमो बुक फेस्ट’ की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।

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