दिल्ली का जंतर-मंतर शनिवार को एक बेहद अनोखे और बड़े छात्र आंदोलन का गवाह बना
परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी ने धरना-प्रदर्शन किया
नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली का जंतर-मंतर शनिवार को एक बेहद अनोखे और बड़े छात्र आंदोलन का गवाह बना। NEET पेपर लीक, CBSE मूल्यांकन विवाद, CUET और SSC जैसी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने दिल्ली पुलिस से विशेष अनुमति मिलने के बाद आज सुबह से शाम तक शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया। इस आंदोलन को उस वक्त बड़ी ताकत मिली, जब लद्दाख के मशहूर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी छात्रों के समर्थन में जंतर-मंतर पहुंच गए।
प्रदर्शनकारी छात्र और युवा पेशेवर हाथों में तिरंगा, किताबें और चेहरे पर ‘कॉकरोच मास्क’ लगाकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।
शिक्षा मंत्री दें इस्तीफा, 5 छात्रों ने की आत्महत्या: अभिजीत दीपके
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सुबह जंतर-मंतर पहुंचे। सरकार पर निशाना साधते हुए दीपके ने कहा:
“देश में परीक्षा व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। परीक्षा में हुई धांधली और अनियमितताओं के कारण पांच छात्रों ने आत्महत्या कर ली है। हम पिछले एक महीने से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार ठोस कार्रवाई करने के बजाय हमारे सोशल मीडिया अकाउंट्स को हैक कराने और पोस्ट डिलीट कराने में लगी है।”
उन्होंने आगे कहा कि यह लड़ाई लंबी है और देश का छात्र तथा युवा बिकने वाला नहीं है। वह इस आंदोलन और छात्रों के भविष्य के लिए अपनी आजादी कुर्बान करने को भी तैयार हैं।
आंदोलन में कूदे सोनम वांगचुक, दी 6 हफ्ते के उपवास की चेतावनी
लद्दाख की सामाजिक और शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार के लिए जाने जाने वाले सोनम वांगचुक के इस प्रदर्शन में शामिल होने से आंदोलन का कद और बढ़ गया है। मंच से छात्रों को संबोधित करते हुए वांगचुक ने कहा:
“यह मुद्दा सिर्फ NEET या CBSE तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे देश की पूरी शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा एक बहुत बड़ा सवाल है। मैं पिछले चार दशकों से दूरदराज के सरकारी स्कूलों में शिक्षा सुधार की कोशिश कर रहा हूं, लेकिन व्यवस्था में सुधार न होना निराशाजनक है।”
इसके साथ ही सोनम वांगचुक ने सरकार को बड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर पुलिस ने CJP प्रमुख अभिजीत दीपके को गिरफ्तार किया, तो वह छह सप्ताह (42 दिन) के आमरण उपवास पर बैठ जाएंगे।

गांधीवादी तरीके से आंदोलन: हाथों में किताबें, पुलिस को दिए फूल
सुरक्षा व्यवस्था और संवेदनशीलता को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने CJP को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक प्रदर्शन की सशर्त अनुमति दी थी। आंदोलन को पूरी तरह अनुशासित और अहिंसक रखने के लिए अभिजीत दीपके ने अनूठी पहल की।
उन्होंने प्रदर्शनकारियों से किसी भी तरह के उकसावे में न आने की अपील की और सुरक्षा में तैनात दिल्ली पुलिस के जवानों को करुणा और सम्मान के प्रतीक के रूप में गुलाब के फूल भेंट किए। संसद मार्ग और जंतर-मंतर के आसपास भारी पुलिस बल तैनात रहा, लेकिन आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
माहौल बिगाड़ने की साजिश का आरोप
आंदोलन के बीच CJP के शीर्ष नेतृत्व की तरफ से एक बयान भी जारी किया गया, जिसमें आरोप लगाया गया कि कुछ शरारती तत्व इस संवैधानिक और शांतिपूर्ण प्रदर्शन को भड़काने तथा दिल्ली का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे उपद्रवियों की पहचान कर उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाए। फिलहाल, सुरक्षा एजेंसियां और दिल्ली पुलिस जंतर-मंतर के हालातों पर लगातार पैनी नजर बनाए हुए हैं।

