जांबाज एसटीएफ इंस्पेक्टर स्वर्गीय सुनील कुमार सिंह को कीर्ति चक्र, पुलिस बल ने दी श्रद्धांजलि
87 इंटरसेप्टर वाहनों को हरी झंडी और पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह की पुस्तक ‘संघर्ष’ का विमोचन किया
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को लोकभवन सभागार में आयोजित एक विशेष समारोह के दौरान पूर्ववर्ती सरकारों और कानून-व्यवस्था पर टिप्पणी करने वालों पर करारा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बंद कमरे में बैठकर बयानबाजी करना बेहद आसान है, लेकिन अराजकता के माहौल में यदि किसी का सुरक्षा घेरा हटा दिया जाए तो बड़े से बड़े गुरूर वाले भीगी बिल्ली बनते नजर आएंगे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जब समाज में सुरक्षा का वातावरण होता है, तभी स्वस्थ चिंतन और समृद्धि की परिकल्पना साकार हो सकती है। 2017 से पहले प्रदेश के हर जिले में माफिया का बोलबाला था, लेकिन वर्तमान सरकार की मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति ने पुलिस सुधारों को देश में सबसे पहले धरातल पर उतारा।
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 87 अत्याधुनिक इंटरसेप्टर वाहनों को हरी झंडी दिखाकर पुलिस बल को समर्पित किया। इसके साथ ही उन्होंने पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह की पुस्तक ‘संघर्ष’ का विमोचन किया और राष्ट्रपति एवं मुख्यमंत्री वीरता पदक प्राप्त करने वाले जांबाज पुलिस अधिकारियों व कार्मिकों को सम्मानित किया। उन्होंने एसटीएफ के शहीद इंस्पेक्टर स्वर्गीय सुनील कुमार सिंह की वीरता को विशेष रूप से नमन करते हुए कहा कि उनके सर्वोच्च बलिदान के लिए भारत सरकार द्वारा कीर्ति चक्र प्रदान किया जाना पूरे यूपी पुलिस बल के लिए गर्व का क्षण है।
मुख्यमंत्री ने आधुनिक पुलिसिंग में तकनीक और पुलिस सुधारों के समन्वय पर जोर देते हुए बताया कि सेफ सिटी परियोजना के तहत प्रदेश में 14 लाख से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जा चुके हैं और सातों पुलिस कमिश्नरेट प्रभावी ढंग से कार्य कर रहे हैं। सड़क दुर्घटनाओं में हर वर्ष होने वाली जनहानि को एक गंभीर चुनौती बताते हुए उन्होंने कहा कि अत्याधुनिक इंटरसेप्टर वाहनों और प्रभावी प्रवर्तन के माध्यम से सड़क हादसों में कमी लाई जाएगी। यूपी पुलिस का ‘आपकी सुरक्षा, हमारा संकल्प’ का ध्येय वाक्य राज्य के प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण प्रदान करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

