यूपी विधानसभा का मानसून सत्र विपक्ष के भारी हंगामे और नारेबाजी के चलते तय समय से पहले ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित
तीन दिनों तक चले इस सत्र में अनुपूरक बजट, राम मंदिर चढ़ावा विवाद और शिक्षक भर्ती जैसे मुद्दों पर सत्तापक्ष और विपक्ष की तीखी झड़प
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र विपक्ष के भारी हंगामे और नारेबाजी के कारण तय समय से पहले ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। तीन दिनों तक चले इस सत्र में अनुपूरक बजट, राम मंदिर चढ़ावा विवाद और शिक्षक भर्ती जैसे मुद्दों पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी झड़प देखने को मिली।
सदन में लगातार होते हंगामे और अमर्यादित व्यवहार से दुखी होकर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने भावुक टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि मंगलवार को हुई घटनाओं से वे आहत हैं और इस बात पर विचार करेंगे कि क्या वे इस पद के योग्य हैं।
1. तीसरा दिन (बुधवार): बजट पर चर्चा के दौरान हंगामा
- विधानसभा अध्यक्ष की भावुक प्रतिक्रिया: सत्र के तीसरे दिन की शुरुआत में ही अध्यक्ष सतीश महाना ने सदन में पिछले दिन की घटनाओं पर गहरा दुख जताया।
- सपा का अनूठा विरोध: विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले सपा विधायक अतुल प्रधान हाथ में ‘दानपेटी’ लेकर पहुँचे। उन्होंने 69,000 शिक्षक भर्ती और राम मंदिर चढ़ावे में कथित चोरी का मुद्दा उठाते हुए सरकार को घेरा।
- मुख्यमंत्री का विपक्ष पर प्रहार: अनुपूरक बजट पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बोलते ही सपा विधायकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। सीएम योगी ने विपक्ष के रवैये को शर्मनाक बताते हुए कहा कि अनुपूरक बजट राज्य की 25 करोड़ जनता के विकास से जुड़ा है, लेकिन विपक्ष का संवैधानिक परंपराओं में कोई विश्वास नहीं है।
2. दूसरा दिन (मंगलवार): विधायक निष्कासित, परिसर में धरना
- तस्वीर लहराने पर कार्रवाई: मुख्यमंत्री के संबोधन के दौरान सपा विधायक सचिन यादव द्वारा सीएम की तस्वीर लहराए जाने पर अध्यक्ष महाना ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने सचिन यादव को पूरे मानसून सत्र के लिए सदन से निष्कासित कर दिया।
- विधानसभा के बाहर धरना: निष्कासन के विरोध में सचिन यादव परिसर में धरने पर बैठ गए, जहाँ रागिनी सोनकर और अतुल प्रधान सहित कई सपा विधायक उनके समर्थन में आए। बाद में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के हस्तक्षेप के बाद धरना समाप्त हुआ।
- 59,019 करोड़ का अनुपूरक बजट: भारी हंगामे और भाजपा-सपा विधायकों के बीच तीखी नोकझोंक के बीच वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹59,019 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश किया।

3. पहला दिन (सोमवार): ‘चंदा चोर’ के नारों से गूँजा विधान परिषद
- केशव मौर्य का तंज: सत्र के पहले दिन विधान परिषद में राम मंदिर चढ़ावा मुद्दे पर सपा के हंगामे पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “सूप बोले तो बोले, छलनी भी बोले जिसमें बहत्तर छेद! सपा के लोग कभी बाबर से रिश्तेदारी जोड़ते थे और 1990 में रामभक्तों पर गोलियाँ चलवाई थीं।”
- सपा का पलटावार: इस बयान से नाराज सपा सदस्य वेल (Well) में आ गए और ‘चंदा चोर, गद्दी छोड़’ के नारे लगाने लगे। इस पर केशव मौर्य ने पलटवार करते हुए कहा कि अयोध्या में भव्य मंदिर देखकर विपक्ष की छाती फट रही है और अब काशी व मथुरा में भी भव्य मंदिर बनकर रहेगा।

