मार्च 2023 के आंदोलन की उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियां वापस लें: विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने अध्यक्ष को सौंपा ज्ञापन

Anoop

June 11, 2026

विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के केंद्रीय पदाधिकारियों ने पावर कॉरपोरेशन अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपा

बिजली कर्मियों के विरुद्ध की गई सभी उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियों को वापस लेने की मांग की है

लखनऊ। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के केंद्रीय पदाधिकारियों ने पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल से मुलाकात कर उन्हें एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा। समिति ने मार्च 2023 के आंदोलन के दौरान बिजली कर्मियों के विरुद्ध की गई सभी उत्पीड़नात्मक व दंडात्मक कार्यवाहियों को तत्काल वापस लेने की जोरदार मांग की है।

ऊर्जा मंत्री के निर्देशों का तीन वर्ष बाद भी पालन न होने पर रोष

संघर्ष समिति ने गहरा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि आंदोलन समाप्ति के वक्त 19 मार्च 2023 को माननीय ऊर्जा मंत्री श्री अरविंद कुमार शर्मा ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि बिजली कर्मियों के विरुद्ध दर्ज एफआईआर, मुकदमे और सभी उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियां वापस ली जाएं तथा हटाए गए संविदा कर्मियों को बहाल किया जाए। समिति ने आश्चर्य जताया कि तीन वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी इन निर्देशों का पूर्ण पालन नहीं हुआ है। इसके विपरीत, उत्पादन निगम के कर्मचारी श्री दिनेश सिंह को वृहद दंड दिया गया है, जिससे प्रदेश भर के बिजली कर्मियों में भारी असंतोष और आक्रोश व्याप्त है। ज्ञापन के साथ समिति ने ऊर्जा मंत्री की संयुक्त प्रेस वार्ता तथा उत्तर प्रदेश सूचना विभाग द्वारा जारी आधिकारिक वक्तव्य की प्रतिलिपि भी अध्यक्ष को सौंपी।

संविदा कर्मियों की छंटनी से विद्युत व्यवस्था प्रभावित

समिति ने प्रबंधन का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि वर्तमान में भीषण गर्मी के दौर में बड़े पैमाने पर संविदा कर्मियों को कार्य से पृथक किया जा रहा है। इसके कारण न सिर्फ विद्युत व्यवस्था प्रभावित हो रही है, बल्कि उपभोक्ताओं को भी अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। संघर्ष समिति ने मांग की है कि सभी उत्पीड़नात्मक कार्रवाइयों को समाप्त कर संविदा कर्मियों की तत्काल बहाली की जाए, ताकि कर्मचारी पूर्ण मनोयोग से विद्युत आपूर्ति को सुदृढ़ बनाने में अपना योगदान दे सकें।

संवाद और सहयोग का वातावरण बनाने की अपील

संघर्ष समिति ने पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन से आग्रह किया है कि वे ऊर्जा निगमों में संवाद, सहयोग और विश्वास का एक स्वस्थ कार्य वातावरण स्थापित करें। लंबित मामलों का न्यायोचित समाधान होने से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा। इस प्रतिनिधि मंडल में मुख्य रूप से जितेंद्र सिंह गुर्जर, महेंद्र राय, सुहेल आबिद, श्री चंद, दीपक चक्रवर्ती, सरजू त्रिवेदी, के एस रावत और आर सी पाल सहित कई केंद्रीय पदाधिकारी सम्मिलित रहे।

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