राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में लखनऊ विश्वविद्यालय का 69वाँ दीक्षोत्सव समारोह
इस दीक्षोत्सव में कुल 1,25,285 विद्यार्थियों (57,166 छात्र और 68,119 छात्राएँ) को उपाधियाँ प्रदान की गईं
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में लखनऊ विश्वविद्यालय का 69वाँ दीक्षोत्सव समारोह भव्य रूप से सम्पन्न हुआ। इस दीक्षोत्सव में कुल 1,25,285 विद्यार्थियों (57,166 छात्र और 68,119 छात्राएँ) को उपाधियाँ प्रदान की गईं। उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए 111 मेधावियों को 204 पदकों से नवाजा गया, जिनमें 81 छात्राएँ और 30 छात्र शामिल हैं।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में नीति आयोग के सदस्य प्रो. अभय करंदिकर तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में उच्च शिक्षा राज्य मंत्रीरजनी तिवारी और कुलपति प्रो. जे.पी. सैनी उपस्थित रहे।
दीक्षोत्सव के अवसर पर कुलाधिपति की प्रेरणा से कई सामाजिक जनकल्याणकारी पहल भी की गईं:
- आंगनबाड़ी किट एवं एचपीवी टीकाकरण: लखनऊ और रायबरेली के केंद्रों के लिए 500 आंगनबाड़ी किट वितरित किए गए। साथ ही रायबरेली की 300 बालिकाओं (पुलिसकर्मियों की बेटियों सहित) का एचपीवी (HPV) टीकाकरण कराया गया।
- शकुंतला विश्वविद्यालय में भी पहल: डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के दीक्षोत्सव में बदायूं के लिए 300 आंगनबाड़ी किट और 300 बेटियों का एचपीवी टीकाकरण किया गया।
- गोद लिए गाँवों के बच्चों का सम्मान: विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गाँवों के 256 बच्चों के लिए आयोजित प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया। साथ ही स्कूली बच्चों ने जल एवं पर्यावरण संरक्षण पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं।
राज्यपाल ने प्रसन्नता जताई कि पदक और उपाधियाँ हासिल करने में छात्राओं की संख्या अधिक है। हालांकि, पिछले सात वर्षों के रुझान का जिक्र करते हुए उन्होंने छात्राओं की तुलना में छात्रों के पिछड़ने पर चिंता व्यक्त की और विश्वविद्यालय प्रशासन को इसके सामाजिक-मानसिक कारणों पर गहन शोध कराने के निर्देश दिए।
विद्यार्थियों को सहूलियत देने के उद्देश्य से सभी डिग्रियां और अंकपत्र डिजिलॉकर पर अपलोड कर दिए गए हैं। राज्यपाल ने विश्वविद्यालय को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी छात्र को भौतिक (हार्ड) कॉपी जारी न की जाए।
विश्वविद्यालय की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय साख पर बात करते हुए राज्यपाल ने बताया कि इस सत्र में 77 देशों से 3,421 अंतरराष्ट्रीय आवेदन मिले हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में 64% अधिक हैं। उन्होंने ऐसे विद्यार्थियों का नियमित और व्यवस्थित रिकॉर्ड रखने का निर्देश दिया।
जन भवन की टीम द्वारा किए गए विश्वविद्यालय के निरीक्षण का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने हॉस्टलों का समय पर आवंटन न होने, मेस बंद रहने, वाशिंग मशीन व वाई-फाई जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी, खराब वाटर प्यूरीफायर और एक्सपायर्ड अग्निशमन उपकरणों पर नाराजगी जताई। उन्होंने सभी व्यवस्थाओं को तत्काल दुरुस्त करने और शनिवार को भी लाइब्रेरी खोलने के सख्त निर्देश दिए।
सामाजिक ज्वलंत मुद्दों पर शोध का आह्वान
- अपराध व जेल शोध: राज्यपाल ने कुलपति को निर्देश दिए कि वे जेल का दौरा करें और आजीवन कारावास काट रहे गंभीर अपराधियों की मानसिक व पारिवारिक पृष्ठभूमि पर शोध कराएं ताकि अपराध रोकथाम की दिशा तय हो सके।
- दहेज प्रथा व दुष्कर्म: युवाओं से दहेज न लेने का आह्वान करते हुए उन्होंने बेटियों से अपील की कि वे दहेज लोभियों से शादी से साफ इंकार कर दें।

केंद्रीय योजनाओं और बजटीय प्रावधानों का लाभ देने पर जोर
संबोधन के दौरान राज्यपाल ने बताया कि वर्ष 2026-27 के बजट में शिक्षा क्षेत्र के लिए ₹1.39 लाख करोड़ का प्रावधान किया गया है। उन्होंने एआई (AI), एनीमेशन, गेमिंग (AVGC) लैब्स, यूनिवर्सिटी टाउनशिप और बालिका छात्रावासों जैसी योजनाओं का लाभ छात्रों तक पहुँचाने का आह्वान किया। साथ ही, उन्होंने आयुष्मान भारत योजना, ‘कैच द रेन’ (जल संरक्षण) और 2 अगस्त 2026 से शुरू हो रहे 100 सप्ताह के ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ को जन-आंदोलन बनाने की बात कही।
