युवाओं और बच्चों के साथ सहपरिवार इस दिव्य आध्यात्मिक सत्र में शामिल होने की अपील
राज्यपाल और पूर्व मुख्यमंत्री सहित कई दिग्गज हस्तियों को दिया गया है आमंत्रण
लखनऊ: अंतरराष्ट्रीय कृष्ण भावनामृत संघ (इस्कॉन) लखनऊ द्वारा श्री श्री राधा रमण बिहारी जी मन्दिर (इस्कॉन), अंसल सुशांत गोल्फ सिटी, शहीद पथ में दो दिवसीय “गीता रसामृतम-2” श्रीमद्भगवद्गीता ज्ञान महोत्सव का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह महोत्सव 24 और 25 अक्टूबर 2026 को आयोजित होगा।
इस संबंध में गुरुवार, 23 अक्टूबर 2026 को होटल रैडीसन (बर्लिंगटन चौराहा के निकट, 24 कैंटोमेन्ट रोड), लखनऊ में एक विशेष प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। प्रेस वार्ता में इस्कॉन मंदिर निर्माण कमेटी के चेयरमैन आनंद स्वरूप अग्रवाल, उपाध्यक्ष भोक्ताराम प्रभु, फेस्टिवल कमेटी के अध्यक्ष लक्ष्मण सर्व प्रिय प्रभु, अमृत नाम प्रभु, रास मनोहर प्रभु और देव रक्षक प्रभु उपस्थित रहे।
इस्कॉन मंदिर के अध्यक्ष श्रीमान अपरिमेय श्याम प्रभु ने कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यह महोत्सव प्रतिदिन शाम 5 बजे से मंदिर परिसर में शुरू होगा। कार्यक्रम के मुख्य आकर्षणों में शाम 5 से 5:45 बजे तक दिव्य हरिनाम संकीर्तन होगा। इसके तुरंत बाद शाम 5:45 से 6:30 बजे तक मुकुंदा रॉक बैंड की विशेष प्रस्तुति होगी।
शाम 6:30 से 8:00 बजे तक श्रीमद्भगवद्गीता के गूढ़ रहस्यों को सरल शब्दों में परिभाषित किया जाएगा, जिसके प्रमुख विषय ‘क्या सच में भगवान हैं? मृत्यु किसकी होती है? भगवान निराकार हैं या हमारी आपकी तरह साकार हैं? न चाहते हुए भी हम दुखी क्यों होते हैं? बुरे लोगों को दंड क्यों नहीं मिलता है? बुरी घटनाएं अच्छे लोगों के साथ क्यों घटती हैं?’
दो दिवसीय ज्ञान महोत्सव में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, उत्तर प्रदेश सरकार के उप-मुख्यमंत्री बृजेश पाठक, जल शक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री जयवीर सिंह, ऊर्जा मंत्री एके शर्मा, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है।
प्रेस वार्ता के अंत में मंदिर अध्यक्ष श्रीमान अपरिमेय श्याम प्रभु ने मीडिया का आभार जताया। लखनऊ वासियों से कहा कि अपने परिवार, बच्चों और युवाओं के साथ इस दिव्य आध्यात्मिक सत्र में पहुंचकर जीवन के वास्तविक उद्देश्य को समझें और ‘हरे कृष्ण महामंत्र के निरंतर जप’ का संकल्प लें।

