पुलिसकर्मियों के भत्तों में भारी बढ़ोतरी और शहीद परिवारों के लिए सहायता
विनम्र श्रद्धांजलि दी और शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों को सम्मानित किया
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को रिजर्व पुलिस लाइन्स में आयोजित ‘पुलिस स्मृति दिवस-2026’ के मुख्य समारोह में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने पुलिस शहीद स्मारक स्थल पर पुष्पचक्र अर्पित कर राष्ट्र की रक्षा में प्राण न्योछावर करने वाले अमर शहीदों को विनम्र श्रद्धांजलि दी और शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों से भेंट कर उन्हें सम्मानित किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा, समाज की शांति और नागरिकों के जीवन की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले पुलिसकर्मियों के प्रति पूरा देश सदैव कृतज्ञ रहेगा।
पुलिस बल के कल्याण और उनकी कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं। फील्ड ड्यूटी में तैनात उपनिरीक्षक और निरीक्षक स्तर के पुलिसकर्मियों का मोटरसाइकिल भत्ता 700 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। इसके साथ ही, पीपीएस अधिकारियों के यूनिफॉर्म भत्ते को 6,400 रुपये से बढ़ाकर 15,000 रुपये और ड्यूटी पर तैनात आरक्षियों व मुख्य आरक्षियों के सिम भत्ते को 2,000 रुपये से बढ़ाकर 2,500 रुपये करने की घोषणा की गई है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा शहीद पुलिसकर्मियों के आश्रितों को पुलिस सहायता पैकेज के तहत अब तक 425 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता प्रदान की जा चुकी है, साथ ही पुलिसकर्मियों और उनके परिजनों के लिए 5 लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा वाले हेल्थ कार्ड भी बनाए गए हैं।
21 अक्टूबर का ऐतिहासिक महत्व और शहीदों का बलिदान
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्मरण किया कि 21 अक्टूबर 1943 को नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने आजाद हिंद सरकार की स्थापना की थी, जबकि इसी तारीख को 1959 में लद्दाख के हॉट स्प्रिंग क्षेत्र में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के 10 वीर जवानों ने चीनी आक्रमण का वीरतापूर्वक मुकाबला करते हुए शहादत दी थी। उन्होंने बीते एक वर्ष के दौरान देश भर में कर्तव्यपालन के दौरान प्राण न्योछावर करने वाले 154 पुलिसकर्मियों कोद नमन किया, जिनमें उत्तर प्रदेश के 6 वीर बलिदानी—उपनिरीक्षक सत्यभान सिंह, उपनिरीक्षक मोहित कुमार यादव, आरक्षी अशोक कुमार, आरक्षी प्रदीप कुमार, फायर सर्विस चालक तीर्थपाल सिंह और फायरमैन रोहित कुमार शामिल हैं।

अपराध और माफिया पर प्रहार तथा पुलिस व्यवस्था का आधुनिकीकरण
प्रदेश की कानून-व्यवस्था का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के बाद से अपराधियों और माफिया के विरुद्ध चलाए गए कड़े अभियानों के परिणामस्वरूप 15,000 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्तियां जब्त की गई हैं। इन जमीनों पर गरीबों के लिए आवास बनाए जा रहे हैं, जैसे प्रयागराज में 602 आवासीय फ्लैटों का निर्माण। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के जरिए 2 लाख 26 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की भर्ती की गई है और वर्तमान में 35,000 पदों पर भर्ती अंतिम चरण में है। इसके अलावा, यूपी पुलिस में महिला कर्मियों की संख्या लगभग 10,000 से बढ़कर 45,000 हो गई है, तथा सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए वीरांगना ऊदा देवी पासी (लखनऊ), वीरांगना झलकारीबाई कोरी (गोरखपुर) और वीरांगना अवंतीबाई लोधी (बदायूं) के नाम पर 3 नई महिला पीएसी बटालियनों का गठन किया गया है।

