यूपी में मतदाता सूची पुनरीक्षण: एसएसआर में तैनात अफसरों के तबादलों पर लगी रोक, 4 जनवरी तक ट्रांसफर पर पूरी तरह पाबंदी; पीलीभीत मामले में दो दिन में मांगी रिपोर्ट

Anoop

October 22, 2026

12 नवंबर से 4 जनवरी तक आयोग की अनुमति के बिना नहीं होंगे ट्रांसफर

पीलीभीत में गड़बड़ी पर कड़ा संज्ञान, दो दिनों के भीतर सभी जिलों से मांगी जांच रिपोर्ट

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएसआर) को निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से पूरा कराने के लिए निर्वाचन आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा ने बड़ा आदेश जारी करते हुए पुनरीक्षण कार्य से जुड़े सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादलों पर 12 नवंबर से लेकर 4 जनवरी 2027 तक पूरी तरह से रोक लगा दी है।

आदेश के अनुसार, ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने से लेकर अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन तक किसी भी अधिकारी या कर्मचारी का स्थानांतरण नहीं किया जा सकेगा। यदि बेहद अनिवार्य स्थिति में किसी तबादले की आवश्यकता पड़ती है, तो उसके लिए चुनाव आयोग की पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 13-सी के तहत इस अवधि में डीएम, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी समेत सभी संबंधित कर्मी चुनाव आयोग में प्रतिनियुक्ति पर माने जाएंगे।

12 नवंबर को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने के साथ ही 11 दिसंबर तक दावे व आपत्तियां ली जाएंगी, जिनका निस्तारण 28 दिसंबर तक पूरा कर 4 जनवरी 2027 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। वहीं दूसरी ओर, पीलीभीत में मतदाता सूची में सामने आई गंभीर गड़बड़ियों को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सख्त कदम उठाए हैं। उन्होंने प्रदेश के सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को अपने-अपने जिलों की वोटर लिस्ट की गहनता से जांच करने के निर्देश दिए हैं और पीलीभीत की घटना के संदर्भ में दो दिन के भीतर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।

उधर, पीलीभीत के जिलाधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि संशोधन प्रक्रिया की गहन जांच कराई जा रही है तथा अभिलेखों के आधार पर यह देखा जा रहा है कि नियमों का समुचित पालन हुआ है या नहीं। उल्लेखनीय है कि इस मुद्दे को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस दोनों ही विपक्षी दलों ने आयोग के समक्ष अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *