पुलिसकर्मियों की कार्यक्षमता और मनोबल बढ़ाने के लिए बेहतर आवासीय और कार्य सुविधाएं जरूरी: सीएम योगी

Anoop

May 28, 2026

सीएम योगी बोले पुलिसकर्मियों की कार्यक्षमता व मनोबल को मजबूत करने के लिए

उन्हें बेहतर आवासीय एवं कार्य सुविधाएं उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक

लखनऊउत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि पुलिसकर्मियों की कार्यक्षमता और मनोबल को मजबूत करने के लिए उन्हें बेहतर आवासीय एवं कार्य सुविधाएं उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक है। आधुनिक पुलिसिंग के लिए मजबूत बुनियादी ढांचे को अनिवार्य बताते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि पुलिस लाइन, थाना, बैरक और अग्निशमन केंद्रों के निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पूरे किए जाएं।

बुधवार को यहाँ उत्तर प्रदेश पुलिस आवास निगम के कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों में तकनीकी मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाना चाहिए। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि पुलिस आवास निगम वर्तमान में प्रदेश के सभी 75 जिलों में सक्रिय है। निगम की 6 निर्माण इकाइयों के माध्यम से कुल 233 निर्माण कार्य संचालित हो रहे हैं, जिनमें से 221 कार्य अपनी निर्धारित समय-सीमा के भीतर चल रहे हैं।

अहम उपलब्धियां (वर्ष 2023 से 20 मई, 2026 तक)

कुल पूर्ण कार्य: 1,586 निर्माण कार्य सफलतापूर्व पूरे किए गए। कुल लागत: लगभग 1,104 करोड़ रुपये।प्रमुख परियोजनाएं: बहुमंजिला बैरक, ट्रांजिट हॉस्टल, थाना भवन, अग्निशमन केन्द्र, पुलिस चौकी, जी.आर.पी. बैरक, ए.टी.एस. फील्ड यूनिट और महाकुम्भ-2025 से जुड़े बुनियादी ढांचे का विकास। इसके साथ ही थानों में महिला प्रसाधन जैसी आवश्यक सुविधाओं का भी विस्तार किया गया है।

मुनाफे में निगम, तकनीकी निगरानी से सुनिश्चित हो रही गुणवत्ता

समीक्षा बैठक में बताया गया कि उत्तर प्रदेश पुलिस आवास निगम लगातार लाभ की स्थिति में बना हुआ है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक निगम ने 11.14 करोड़ रुपये का लाभ अर्जित किया है। निर्माण कार्यों की पारदर्शिता और गुणवत्ता के लिए थर्ड पार्टी जांच, सामग्री परीक्षण (मटेरियल टेस्टिंग) और मोबाइल ऐप आधारित रियल-टाइम मॉनिटरिंग की व्यवस्था लागू की गई है।

मुख्यमंत्री के प्रमुख दिशा-निर्देश:

  • नियमित मॉनीटरिंग और मैनपावर: निर्माण कार्यों को समय पर पूरा करने के लिए नियमित समीक्षा की जाए। जरूरत पड़ने पर तकनीकी विशेषज्ञों की मदद ली जाए और अतिरिक्त मैनपावर लगाया जाए।
  • थर्ड पार्टी ऑडिट: सभी परियोजनाओं की पारदर्शिता जांचने के लिए समय-समय पर देश के प्रतिष्ठित संस्थानों से थर्ड पार्टी ऑडिट कराया जाए।
  • भविष्य की जरूरतें: पुलिस बल की आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप सुरक्षित, आधुनिक और उपयोगी अधोसंरचना (इंफ्रास्ट्रक्चर) विकसित की जाए
  • भर्ती प्रक्रिया: विभाग में रिक्त पड़े पदों को पूरी पारदर्शिता के साथ मेरिट के आधार पर जल्द से जल्द भरा जाए।

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