धूमधाम से संपन्न हुई 23वीं बम-बम भोले पदयात्रा, संतों ने उठाई सुरक्षा और कल्याण बोर्ड गठन की मांग
11 पड़ावों से होकर बुद्धेश्वर धाम पहुंची पदयात्रा में देश भर से आए साधु-संतों ने किया भव्य जलाभिषेक
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में बुधवार को 23वीं विशाल बम-बम भोले बुद्धेश्वर धाम पदयात्रा अपार श्रद्धा, उल्लास और संतों के सानिध्य के साथ धूमधाम से संपन्न हुई। जेहटा स्थित श्री मंगल बाबा स्थान से संस्कृतिकर्मी अनिल मिश्रा, साधु मंडल कोतवाल गुरु पवन महाराज और श्री नीलकमल दास जी महाराज द्वारा शुरू की गई यह पदयात्रा मार्ग भर हर-हर महादेव के जयकारों से गुंजायमान रही।
आयोजक जनसेवक राजा भाई और संयोजक श्री मंगल बाबा ने बताया कि पदयात्रा का पहला बड़ा स्वागत श्री जंगलेश्वर मंदिर (बालागंज) में हुआ, जहां महंत श्री रामसागर दास, बच्चा भाई, मनीष मिश्रा और सर्वेश सिंह ने संतों व श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा कर उनका अभिनंदन किया। 11 प्रमुख पड़ावों—जिसमें परमहंस कुटी, भुइयन देवी मंदिर, जगन्नाथ कुटी, शीतल बाग आश्रम, अटल बिहारी वाजपेयी प्रेरणा स्थल, बरी धाम, पंचमुखी हनुमान मंदिर और तपोवन कॉलोनी शामिल रहे—से गुजरते हुए यात्रा परम पावन श्री बुद्धेश्वर मंदिर पहुंची। वहां सभी संतों और पदयात्रियों ने भगवान भोले बुद्धेश्वर का जलाभिषेक कर देश व समाज के कल्याण की कामना की।

इस भव्य धार्मिक समागम के दौरान देश भर से आए पूज्य संतों ने अपनी प्रमुख मांगें सरकार के समक्ष रखीं। संतों ने सर्वसम्मति से मांग की कि मंदिरों व संत-महात्माओं की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, उन्हें आयुष्मान कार्ड योजना से जोड़ा जाए, पुरोहित कल्याण बोर्ड का तत्काल गठन हो, स्थानधारी संतों व पुरोहितों को पेंशन दी जाए और मंदिरों को अवैध कब्जों से मुक्त कराया जाए। यात्रा में स्वामी विट्ठलानंद सरस्वती (महाराष्ट्र), महामंडलेश्वर अनिल महाराज (हरिद्वार), सुधाकर पुरी महाराज (कामाख्या पीठ), महंत दीपक भारती महाराज, महंत दिव्या गिरी और मंगल बाबा सहित कई दिग्गज साधु-संतों की गरिमामयी मौजूदगी रही।

