खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री राकेश सचान ने फीता काटकर किया उद्घाटन, लाभार्थियों को बांटे विद्युत चालित चाक, पगमिल और ऋण के चेक
पिछले साल हुई थी ₹5 करोड़ से अधिक की बिक्री, इस बार नया रिकॉर्ड बनने की उम्मीद; 48 हजार से अधिक कारीगर परिवार चिन्हित
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की समृद्ध माटीकला परंपरा को नया आयाम देने और इससे जुड़े कारीगरों को रोजगार व स्वावलंबन से जोड़ने के उद्देश्य से बुधवार को खादी भवन में नौ दिवसीय ‘माटीकला महोत्सव-2026’ का भव्य शुभारंभ हुआ। हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग, खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री राकेश सचान ने फीता काटकर महोत्सव का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करने वाले कारीगरों को निःशुल्क विद्युत चालित चाक, पगमिल मशीन और मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना के तहत बैंक ऋण के चेक वितरित किए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार पारंपरिक माटीकला शिल्प को आधुनिक तकनीक, कौशल प्रशिक्षण, वित्तीय प्रोत्साहन और बाजार से जोड़ने पर निरंतर कार्य कर रही है। माटीकला महोत्सव इसी कड़ी की एक महत्वपूर्ण पहल है, जो स्थानीय कारीगरों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री के लिए एक सशक्त मंच प्रदान करता है।
48 हजार से अधिक परिवार चिन्हित, बांटे जा रहे आधुनिक उपकरण
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री राकेश सचान ने कहा कि माटीकला क्षेत्र को संगठित रूप से प्रोत्साहित करने के लिए 2018 में ‘उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड’ का गठन किया गया था। इसके माध्यम से अब तक प्रदेश में 48,048 कारीगर परिवारों को चिन्हित किया जा चुका है तथा कच्चे माल की सुलभता के लिए 39,468 कारीगरों को मिट्टी निकासी के पट्टे आवंटित किए गए हैं।
कारीगरों के श्रम को आसान बनाने के लिए अब तक 18,432 विद्युत चालित चाक और 675 पगमिल मशीनें वितरित की जा चुकी हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 में 2,740 अतिरिक्त विद्युत चालित चाक तथा 300 और पगमिल मशीनें बांटने का लक्ष्य है। इसके अलावा, मूर्तियों के निर्माण के लिए 603 जोड़ी पीओपी डाई, 31 पेंटिंग मशीनें और दीये बनाने की 81 मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं।
मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना और कौशल विकास
मंत्री सचान ने बताया कि ‘मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना’ के तहत पिछले सात वर्षों में 1,333 लाभार्थियों को बैंक ऋण स्वीकृत कराकर माटीकला इकाइयां स्थापित कराई गई हैं। चालू वित्तीय वर्ष में मार्च 2027 तक 300 और नई इकाइयां स्थापित करने का लक्ष्य है। कौशल विकास के तहत 18,432 कारीगरों को तकनीकी उपकरण संचालन, 1,333 को उद्यम संचालन तथा 7,836 लाभार्थियों को उन्नत शिल्पकारी का प्रशिक्षण दिया गया है। साथ ही पीलीभीत, रामपुर, कन्नौज, अमरोहा, बाराबंकी, फिरोजाबाद, बिजनौर, अमेठी, बरेली और जालौन समेत 10 जनपदों में ‘कॉमन फैसिलिटी सेंटर’ स्थापित किए गए हैं।
लाभार्थियों को बांटे गए उपकरण और चेक
महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर मंत्री ने लखनऊ के शिवा प्रजापति, राम खेलावन, नन्हा, अजय और गायत्री को विद्युत चालित चाक, जबकि रमेश कुमार और दिलीप कुमार को पगमिल मशीन प्रदान की। इसके अतिरिक्त, ‘मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना’ के तहत डालीगंज, लखनऊ की श्रेया को 2 लाख रुपये के बैंक ऋण का स्वीकृति चेक सौंपा गया।
इस बार बिक्री का टूटेगा रिकॉर्ड
मंत्री राकेश सचान ने उम्मीद जताई कि पिछले वर्ष महोत्सव में हुई ₹5 करोड़ से अधिक की बिक्री का रिकॉर्ड इस बार टूट जाएगा। उन्होंने आम जनमानस से दीवाली पर माटीकला के पर्यावरण-अनुकूल दीयों, मूर्तियों व कलात्मक बर्तनों को अपनाकर स्थानीय कारीगरों को प्रोत्साहित करने की अपील की।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग अनिल सागर, उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) शिशिर समेत विभागीय अधिकारी व बड़ी संख्या में कारीगर उपस्थित रहे।

