उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की 135वीं जयंती पर
डॉ. भीमराव आंबेडकर महासभा में ‘डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर मूर्ति विकास योजना’ का शिलान्यास
लखनऊ | उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर प्रदेशवासियों को बड़ी सौगात दी है। लखनऊ स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर महासभा परिसर में आयोजित मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री ने ‘डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर मूर्ति विकास योजना’ का शिलान्यास किया। इस योजना के तहत उत्तर प्रदेश के सभी 75 जनपदों में स्थापित बाबा साहब की मूर्तियों का संरक्षण, सौंदर्यीकरण और वहां बाउंड्रीवॉल व छत्र निर्माण का कार्य युद्धस्तर पर किया जाएगा।
सामाजिक न्याय के महापुरुषों को समर्पित ‘मास्टर प्लान’
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह केवल प्रतीकों का सम्मान नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय की भावना को सुरक्षित करने का संकल्प है। पहले चरण में सभी 75 जिलों में चिह्नित एक-एक प्रमुख स्थान पर कार्य शुरू होगा। इसके बाद समाज कल्याण विभाग के माध्यम से बाबा साहब के साथ-साथ संत रविदास, महर्षि वाल्मीकि, महात्मा ज्योतिबा फुले और महाराजा बिजली पासी जैसे महापुरुषों की प्रतिमाओं को भी संरक्षित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि महापुरुषों की प्रतिमाओं के साथ कोई अराजक तत्व छेड़छाड़ न कर सके, इसके लिए बाउंड्रीवॉल और शेड का निर्माण अनिवार्य किया गया है।
विकास और विरासत का संगम: प्रमुख घोषणाएं
संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने डबल इंजन सरकार की उपलब्धियों और आगामी लक्ष्यों का खाका पेश किया। जिसमें आंबेडकर सांस्कृतिक केंद्र: लखनऊ में बन रहे डॉ. भीमराव आंबेडकर स्मारक एवं सांस्कृतिक केंद्र का प्रथम चरण पूर्ण हो चुका है। द्वितीय चरण का कार्य जुलाई 2026 तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। यह केंद्र वंचित वर्ग के बच्चों के लिए शोध का बड़ा मंच बनेगा।
महिला सशक्तिकरण और मानदेय: गांवों में सामुदायिक शौचालयों की देखरेख करने वाली बहनों को समय पर मानदेय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, पीएसी की तीन महिला बटालियनों (झलकारी बाई, अवंतीबाई लोधी और ऊदा देवी) के गठन को सामाजिक न्याय का जीवंत उदाहरण बताया। धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों का उद्धार: वाराणसी में संत रविदास की भव्य प्रतिमा और 4-लेन सड़क का निर्माण, चित्रकूट में महर्षि वाल्मीकि आश्रम का विकास और अयोध्या एयरपोर्ट का नाम महर्षि वाल्मीकि के नाम पर रखना सरकार की कृतज्ञता का प्रतीक है।
“संविधान की प्रति लेकर घूमने वाले बेनकाब”
मुख्यमंत्री ने उन राजनीतिक दलों पर तीखा हमला किया जो बाबा साहब के नाम पर राजनीति करते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि पूर्ववर्ती सरकारों ने बाबा साहब और संत रविदास के नाम पर बने जिलों और संस्थानों के नाम क्यों बदले? उन्होंने कहा, “आज जो लोग संविधान की प्रति लेकर घूम रहे हैं, यह वही हैं जिन्होंने गरीबों के आवास और शौचालयों पर रोक लगाई थी और थारू व विस्थापित परिवारों को दशकों तक नागरिक अधिकारों से वंचित रखा।”
पंचतीर्थ और जन कल्याण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित ‘पंचतीर्थ’ का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज सरकार की हर योजना (राशन, आयुष्मान, उज्ज्वला, आवास) के केंद्र में वही गरीब और वंचित है, जिसका सपना बाबा साहब ने देखा था। उन्होंने आह्वान किया कि जब कोई तिरंगे या संविधान का अपमान करता है, तो वह सीधे तौर पर बाबा साहब का अपमान है, जिसे कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य, राज्यमंत्री असीम अरुण, सांसद ब्रजलाल, डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल, महापौर सुषमा खर्कवाल सहित शासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

