बिजनौर रैली में गरजे सीएम योगी: गाजियाबाद मुठभेड़ का जिक्र कर बोले— जो बच्चों को नहीं समझा रहे, वे बड़ी गलती कर रहे हैं

Anoop

June 1, 2026

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बिजनौर के अफजलगढ़ क्षेत्र स्थित आलमपुर गांवड़ी गांव पहुंचे

विशाल जनसभा को संबोधित कर मुख्यमंत्री ने गाजियाबाद मुठभेड़ का विशेष उल्लेख किया

बिजनौर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को बिजनौर के अफजलगढ़ क्षेत्र स्थित आलमपुर गांवड़ी गांव पहुंचे। यहां एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने गाजियाबाद मुठभेड़ का विशेष रूप से उल्लेख किया और अपराधियों को पनाह देने या बढ़ावा देने वालों को कड़ा संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा, “जो लोग अपनी औलाद को सही रास्ता नहीं दिखा पा रहे हैं, वे बहुत भारी गलती कर रहे हैं।” उन्होंने आगे जोड़ा कि सरकार की सहानुभूति हमेशा सीधे-सादे और कानून का पालन करने वाले आम नागरिकों के साथ है।

अपराधियों पर कड़ा रुख अपनाते हुए सीएम योगी ने भगवान श्रीकृष्ण और भगवान श्रीराम के आदर्शों का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि अहिंसा और करुणा इंसानों के आभूषण हैं, लेकिन समाज की सुरक्षा के लिए दुष्टों और अपराधियों से सख्ती से निपटना भी उतना ही जरूरी है। सज्जनों की रक्षा और बुरे लोगों को सजा देने के लिए कड़े कदम उठाने ही पड़ते हैं। जो लोग गरीबों, महिलाओं और समाज की सुरक्षा के लिए खतरा बनेंगे, उनके खिलाफ आगे भी ऐसी ही सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

प्रदर्शनियों का किया निरीक्षण, शरणार्थियों से मिले

दोपहर करीब दो बजे बिजनौर पहुंचे मुख्यमंत्री का स्वागत स्थानीय भाजपा विधायकों और नेताओं ने किया। जनसभा से पहले सीएम योगी ने वहां लगी कई सरकारी और विकास प्रदर्शनियों को देखा। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा बनाए गए ‘विदुर’ ब्रांड के सामानों की तारीफ की और ‘प्रेरणा कैफे’ का उद्घाटन किया। इसके अलावा, उन्होंने पाकिस्तान से विस्थापित होकर आए शरणार्थी परिवारों और पूर्व सैनिकों से मुलाकात कर उन्हें अधिकार पत्र और जमीन की खतौनी बांटी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 सालों में बिना किसी भेदभाव के हर जाति, भाषा और क्षेत्र के लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया गया है।

51 दिनों में 5 बार टला था कार्यक्रम, पंडाल खड़ा रहा

मुख्यमंत्री का यह दौरा काफी चर्चा में रहा क्योंकि यह पिछले दो महीनों में पांच बार टल चुका था। सबसे पहले यह कार्यक्रम 9 अप्रैल को होना था, जिसके बाद मई के आखिर तक कई तारीखें बदलीं। इस सबके बावजूद स्थानीय प्रशासन और आयोजक तैयारियों में जुटे रहे और कार्यक्रम के लिए बनाया गया विशाल पंडाल 51 दिनों तक लगातार वहीं खड़ा रहा। आखिरकार सोमवार को मुख्यमंत्री का यह दौरा पूरा हुआ।

मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह मुस्तैद रही। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और सुबह से ही भारी व हल्के वाहनों के लिए रूट डायवर्जन (रास्ता बदलाव) लागू कर दिया गया था, ताकि जनता को कोई परेशानी न हो। इस रैली में हिस्सा लेने के लिए आस-पास के इलाकों से हजारों की संख्या में लोग पहुंचे थे।

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