कान्हा के रंग में रंगी लखनऊ नगरी: भव्य झांकियों और जयकारों के साथ मनाया गया श्रीकृष्ण जन्मोत्सव
आधी रात गूंजा ‘जय कन्हैया लाल की’: लखनऊ के मंदिरों, थानों और पुलिस लाइंस में जन्माष्टमी की भारी धूम
लखनऊ। नवाबों के शहर लखनऊ में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व अत्यंत श्रद्धा, उल्लास और भव्यता के साथ मनाया गया। मध्यरात्रि 12 बजते ही ‘जय कन्हैया लाल की, हाथी घोड़ा पालकी’ के जयकारों से पूरा शहर भक्तिमय हो उठा। घरों से लेकर मंदिरों, राजभवन, पुलिस लाइंस और थानों तक में भगवान श्रीकृष्ण के स्वागत के लिए आकर्षक झांकियां सजाई गईं।
रिजर्व पुलिस लाइंस में आयोजित मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बतौर मुख्य अतिथि दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, पूर्व उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा और स्थानीय विधायकों सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं, राजभवन (जनभवन) परिसर स्थित मंदिर में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने भगवान श्रीकृष्ण का विधिवत पूजन-अर्चन कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की।
सुशांत गोल्फ सिटी स्थित इस्कॉन मंदिर में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने श्रीराधा-कृष्ण का भव्य महाभिषेक किया, जबकि बांसमंडी स्थित इस्कॉन मंदिर में भी भक्तों का तांता लगा रहा। बीरबल साहनी मार्ग स्थित श्री खाटू श्याम मंदिर में शाम से शुरू हुआ प्राकट्योत्सव देर रात तक चला, जहां एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद की व्यवस्था की गई। अमीनाबाद के गणेशगंज में शहर की पहली ‘डिजिटल झांकी’ आकर्षण का मुख्य केंद्र रही, जिसमें विशाल शिवलिंग पर जलवर्षा और बाबा बर्फानी की गुफा के डिजिटल दृश्य प्रस्तुत किए गए। आयोजक अनुपम मित्तल के अनुसार यह उत्सव 9 सितंबर तक चलेगा।

विभागीय परंपरा के अनुसार आलमबाग कोतवाली और नाका हिंडोला थाने में भी जन्माष्टमी पर्व बड़े ही उत्साह से मनाया गया। इस अवसर पर थानों के हवालात खोलकर भगवान कृष्ण की झांकियां सजाई गईं, जिन्हें देखने के लिए बच्चों और आम नागरिकों की भारी भीड़ उमड़ी। दिनभर व्रत रखने के बाद श्रद्धालुओं ने मध्यरात्रि जन्मोत्सव के उपरांत महाप्रसाद ग्रहण कर अपना व्रत खोला।

