ज्ञान भारतम् मिशन: यूपी की 30 लाख पांडुलिपियों का सर्वेक्षण पूरा, अब 13 केंद्रों पर होगा डिजिटल संरक्षण

Anoop

September 1, 2026

‘ज्ञान भारतम् मिशन’ के अंतर्गत उत्तर प्रदेश की करीब 30 लाख प्राचीन पांडुलिपियों का व्यापक सर्वेक्षण पूरा कर लिया गया है

प्रदेश के 5 प्रमुख केंद्रों पर 14,000 पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण पूर्ण हो चुका है और जल्द ही 8 नए केंद्रों पर कार्य शुरू होगा

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक और ज्ञान परंपरा को सहेजने के लिए प्राचीन पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण का कार्य बड़े पैमाने पर आगे बढ़ा रही है। केंद्र सरकार के ‘ज्ञान भारतम् मिशन’ (द्वितीय चरण) के तहत राज्य में अब तक लगभग 30 लाख पांडुलिपियों का व्यापक सर्वेक्षण पूरा कर लिया गया है। इस उपलब्धि के साथ ही चिन्हित पांडुलिपियों को डिजिटल रूप में सुरक्षित करने की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है।

प्रदेश के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश भारतीय साहित्य, दर्शन, कला और ज्ञान का प्रमुख केंद्र रहा है। विभिन्न संस्थानों और शोध केंद्रों में रखीं ये पांडुलिपियां हमारी जीवंत धरोहर हैं। वर्तमान में राज्य के 5 प्रमुख केंद्रों—गीता प्रेस (गोरखपुर), नागरी प्रचारिणी सभा (वाराणसी), हिंदी साहित्य सम्मेलन (प्रयागराज), राजकीय पांडुलिपि पुस्तकालय (प्रयागराज) और संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय (वाराणसी)—पर डिजिटलीकरण का काम चल रहा है, जहां अब तक करीब 14,000 पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण पूरा हो चुका है।

8 नए केंद्रों पर जल्द शुरू होगा कार्य

इस अभियान को गति देते हुए जल्द ही 8 अन्य प्रमुख स्थलों पर भी डिजिटलीकरण शुरू किया जाएगा। इनमें महर्षि वाल्मीकि शोध संस्थान (अयोध्या), आचार्य पीठ लक्ष्मण किला (अयोध्या), अंतरराष्ट्रीय राम कथा संग्रहालय (अयोध्या), सिद्धार्थ विश्वविद्यालय (सिद्धार्थनगर), श्री धर्माश्रुत शोध संस्थान (फिरोजाबाद), उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान (लखनऊ), टैगोर पुस्तकालय (लखनऊ विश्वविद्यालय) और प्राचीन इतिहास विभाग (लखनऊ विश्वविद्यालय) शामिल हैं।

वैश्विक स्तर पर मिलेगी पहचान

संस्कृति मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप ऐतिहासिक ज्ञान-संपदा को आधुनिक तकनीक से जोड़ा जा रहा है। तैयार की गईं डिजिटल प्रतियों को राष्ट्रीय डिजिटल रिपॉजिटरी पर अपलोड किया जाएगा, जिससे देश-विदेश के शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों की इस ज्ञानकोश तक आसान पहुंच हो सकेगी। उन्होंने अधिकारियों को शेष जिलों में भी जल्द से जल्द यह प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

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