आगरा में प्रेमी संग मिलकर निशा की निर्मम हत्या कर शव के 18 टुकड़े कर ट्रेन में रखने वाले आरोपी दंपती को पुलिस ने मणिपुर से किया गिरफ्तार
पूछताछ में खुलासा हुआ कि त्रिकोणीय प्रेम प्रसंग कलह के चलते वारदात को अंजाम दिया, साक्ष्य मिटाने के लिए शव के कुछ हिस्सों को मैदा और सब्जी में पकाया
आगरा। तमिलनाडु एक्सप्रेस के ट्रॉली बैग में मिले मानव अवशेषों की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने खौफनाक वारदात का पर्दाफाश किया है। चेन्नई जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई में इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम देने वाले आरोपी माणिक उद्दीन लस्कर (22) और उसकी पत्नी भगवती माझी (21) को मणिपुर से गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस पूछताछ में हत्या की मुख्य वजह त्रिकोणीय प्रेम प्रसंग और घरेलू कलह सामने आई है।
जांच अधिकारियों के अनुसार, ओडिशा की रहने वाली 38 वर्षीय निशा का अपने पति से अलगाव हो गया था, जिसके बाद पिछले छह महीनों से उसका माणिक के साथ प्रेम संबंध चल रहा था। बाद में माणिक की पत्नी भगवती को इस रिश्ते की जानकारी हो गई, जिससे घर में रोज झगड़े होने लगे। तमिलनाडु के गुडुवांचरी में किराए के एक ही मकान में तीनों के एक साथ रहने के कारण विवाद और गहरा गया। इस कलह से तंग आकर माणिक और भगवती ने मिलकर निशा की हत्या का खौफनाक प्लान बनाया।
आरोपियों ने निशा की निर्मम हत्या करने के बाद उसके शव के 18 टुकड़े कर दिए। साक्ष्य मिटाने और दुर्गंध छिपाने की नीयत से शरीर के कुछ हिस्सों को मैदा और सब्जियों के साथ बड़े बर्तनों में पकाया गया। इसके बाद धड़ और अन्य अंगों को पॉलिथीन में लपेटकर एक लाल रंग के ट्रॉली बैग में भरा गया। आरोपी दंपती ने इस बैग को चेन्नई सेंट्रल स्टेशन पर नई दिल्ली जा रही तमिलनाडु एक्सप्रेस (12621) की जनरल बोगी में लावारिस छोड़ दिया और खुद पूर्वोत्तर भारत भाग गए।
बीती 5 अगस्त को जब तमिलनाडु एक्सप्रेस आगरा कैंट स्टेशन पहुंची, तो बैग से उठती तीव्र दुर्गंध के कारण यात्रियों ने जीआरपी को सूचित किया। बैग खोलने पर पुलिस अधिकारियों के भी होश उड़ गए। चेन्नई रेलवे स्टेशन के करीब 350 सीसीटीवी कैमरों की सघन फुटेज खंगालने के बाद पुलिस को संदिग्ध दंपती का सुराग मिला। लोकेशन ट्रेस कर पुलिस ने आरोपियों को मणिपुर से दबोच लिया। फिलहाल पुलिस वित्तीय लेन-देन और साजिश से जुड़े अन्य पहलुओं पर जांच आगे बढ़ा रही है।

