68500 शिक्षक भर्ती: पिछड़ा वर्ग आयोग की संस्तुति लागू करने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास का किया घेराव
40 प्रतिशत (60 अंक) पाने वाले पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लेकर ईको गार्डन भेजा
लखनऊ: 68500 सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा-2018 के अभ्यर्थियों ने आरक्षण विसंगतियों को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ अपना विरोध तेज कर दिया है। मंगलवार को अभ्यर्थियों ने बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग, उत्तर प्रदेश द्वारा अभ्यर्थियों के पक्ष में दी गई संस्तुतियों को तुरंत लागू किया जाए।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे तूफान सिंह और अन्य अभ्यर्थियों का कहना है कि वे लंबे समय से आरक्षण में हुई गड़बड़ियों के खिलाफ लड़ रहे हैं। पिछड़ा वर्ग आयोग ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट कहा है कि 150 अंकों की परीक्षा में 60 अंक (40 प्रतिशत) या उससे अधिक अंक पाने वाले अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), दिव्यांग, भूतपूर्व सैनिक और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित वर्ग के उम्मीदवारों को उत्तीर्ण मानकर नियुक्ति दी जाए। इसके बावजूद शासन और शिक्षा विभाग इस आदेश पर कुंडली मारकर बैठा है।
दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
प्रदर्शनकारियों ने केवल नियुक्ति ही नहीं, बल्कि आरक्षण प्रक्रिया में धांधली और लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए उन पर सख्त कार्रवाई करने की भी मांग की है।
अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें:
- आयोग की रिपोर्ट लागू हो: राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेश का तत्काल और पूरी तरह अनुपालन कराया जाए।
- 40% अंक वालों को नियुक्ति: 150 में से न्यूनतम 60 अंक प्राप्त करने वाले आरक्षित वर्ग के सभी पात्र अभ्यर्थियों को सफल घोषित कर जॉइनिंग दी जाए।
- अधिकारियों पर गाज गिरे: भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण सम्बंधी गड़बड़ी करने वाले अधिकारियों को चिह्नित कर दंडित किया जाए।
- पारदर्शिता: आयोग की सिफारिशों पर सरकार द्वारा अब तक की गई कार्रवाई को सार्वजनिक किया जाए।
प्रदर्शनकारियों को ईको गार्डन भेजा गया
मंत्री आवास के बाहर नारेबाजी कर रहे अभ्यर्थियों को पुलिस ने हिरासत में लेकर ईको गार्डन भेज दिया। आंदोलनकारियों का साफ कहना है कि जब तक आयोग के आदेश को लागू कर उन्हें न्याय नहीं मिलता, तब तक उनका यह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक प्रदर्शन जारी रहेगा। प्रदर्शन में आशुतोष वर्मा, नवीन चौधरी, अखिल यादव, योगेश लोधी, ललिता चौधरी, अनुराग पाल सहित कई अभ्यर्थी शामिल रहे

