लखनऊ के मण्डलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में आयोजित मण्डलीय समीक्षा बैठक में मण्डल के सभी छह जनपदों में संचालित विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की गहन विभागवार समीक्षा की गई
मण्डलायुक्त ने फार्मर आईडी जनरेशन और डिजिटल लाइब्रेरी में मण्डल के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना कर लंबित ऑडिट प्रकरणों और गोवंश सहभागिता योजना के भुगतानों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारण के निर्देश
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के मण्डलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में लखनऊ मण्डल के विकास कार्यक्रमों की मण्डलीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मण्डल के छह जनपदों—लखनऊ, हरदोई, लखीमपुर खीरी, रायबरेली, सीतापुर एवं उन्नाव में संचालित विभिन्न विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की विभागवार समीक्षा की गई। बैठक में उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर जनपदवार तुलनात्मक समीक्षा करते हुए अपेक्षाकृत कम प्रगति वाले क्षेत्रों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर मण्डलायुक्त ने स्पष्ट किया कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समय से पहुँचना चाहिए तथा केवल वित्तीय व्यय ही नहीं, बल्कि वास्तविक भौतिक प्रगति और आमजन को मिलने वाले लाभ को मुख्य आधार बनाया जाना चाहिए। बैठक में संयुक्त विकास आयुक्त शिवाकांत द्विवेदी, वर्चुअल माध्यम से मण्डल के समस्त जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और मण्डलीय व जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार अन्त्येष्टि स्थल निर्माण योजना के तहत निर्धारित 112 लक्ष्यों के सापेक्ष 104 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं, जो 92.86 प्रतिशत भौतिक प्रगति दर्शाते हैं। डिजिटल लाइब्रेरी योजना के अंतर्गत मण्डल की 1,093 ग्राम पंचायतों के लक्ष्य के सापेक्ष 1,069 ग्राम पंचायतों में 97.80 प्रतिशत फर्नीचर आपूर्ति पूर्ण हो चुकी है, जबकि पुस्तकों की आपूर्ति 100 प्रतिशत पूरी हो गई है। जन सेवा केंद्र के माध्यम से मण्डल की कुल 6,553 ग्राम पंचायतों में से 4,535 ग्राम पंचायतों (69.20 प्रतिशत) में सेवाएं दी जा रही हैं। मण्डल में 6,553 पंचायत सहायक पदों के सापेक्ष 6,450 पंचायत सहायक (98.43 प्रतिशत) कार्यरत हैं। वर्ष 2010-11 से 2023-24 तक मण्डल में दर्ज 8,162 ऑडिट मामलों में से 1,592 निस्तारित हुए हैं तथा 6,570 प्रकरण लंबित हैं, जिस पर मण्डलायुक्त ने कड़ा रुख अपनाते हुए प्राथमिकता पर निस्तारण के निर्देश दिए हैं।
कृषि और पशुपालन क्षेत्र में, मण्डल में निर्धारित 36,46,652 किसानों के लक्ष्य के सापेक्ष 32,34,744 (88.70 प्रतिशत) फार्मर आईडी जनरेट की जा चुकी हैं, जो राज्य के औसत (86.15 प्रतिशत) से 2.55 प्रतिशत अधिक है। सीतापुर 94.23 प्रतिशत के साथ मण्डल में प्रथम स्थान पर है। मण्डल की सभी 747 सहकारी उर्वरक बिक्री समितियों में तीन दिन से अधिक उर्वरक-विहीन रहने वाली समितियों की संख्या शून्य रही। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में मण्डल ने लक्ष्य के सापेक्ष 42.46 प्रतिशत प्रगति हासिल की है। मुख्यमंत्री निराश्रित/बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना के तहत 18,643 लाभार्थियों में से 14,385 को भुगतान किया जा चुका है, जबकि लंबित 4,258 भुगतानों को सत्यापन के बाद शीघ्र निस्तारित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही रायबरेली में शेष बचे 58 गोवंश आइसोलेशन कक्षों का निर्माण जल्द पूरा करने को कहा गया है।
अन्य प्रमुख विषयों में, पोषण अभियान के अंतर्गत चिन्हित 7,056 सैम (SAM) बच्चों में से 3,874 (54.90 प्रतिशत) मैम (MAM) श्रेणी में आए हैं और मैम से सामान्य श्रेणी में 119.28 प्रतिशत बच्चों में सुधार हुआ है। सड़कों के अनुरक्षण में 48 स्वीकृत कार्यों में से 29 कार्य पूर्ण हो चुके हैं, जिसमें वित्तीय प्रगति 99 प्रतिशत और भौतिक प्रगति 76 प्रतिशत रही, वहीं सेतु निर्माण के 43 कार्यों में 90 प्रतिशत भौतिक प्रगति दर्ज की गई है। बैठक के अंत में मण्डलायुक्त ने अधिकारियों को लंबित प्रकरणों की स्पष्ट समय-सीमा तय करने, विभागीय समन्वय से समस्याओं का समाधान करने और सीएम डैशबोर्ड पर दर्ज प्रगति तथा धरातलीय स्थिति में समानता सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए।

