उत्तर प्रदेश पुलिस और एसटीएफ ने लखनऊ के चर्चित अंकित बालियान हत्याकांड में बड़ी कार्रवाई करते हुए शामली एनकाउंटर में दो शूटरों को ढेर कर दिया है
डीजीपी राजीव कृष्ण ने चेतावनी दी है कि वारदात में शामिल दो अन्य शूटरों, शरणदाताओं और जेल या विदेश में बैठे साजिशकर्ताओं के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी
लखनऊ। अंकित बालियान हत्याकांड में उत्तर प्रदेश पुलिस और एसटीएफ ने संयुक्त रूप से बड़ी सफलता हासिल की है। मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने वारदात में शामिल दो शूटरों को मार गिराया, जबकि दो अन्य फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण ने मीडिया को बताया कि इस पूरे ऑपरेशन में शामली, मेरठ और नोएडा पुलिस की संयुक्त टीमों को लगाया गया था। इसके लिए 11 वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में विशेष टीमों का गठन किया गया, जिन्होंने दिल्ली, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा पुलिस के साथ समन्वय बनाकर शूटरों को तेजी से चिन्हित और ढेर किया।
डीजीपी राजीव कृष्ण ने स्पष्ट संदेश दिया है कि पुलिस की यह कार्रवाई केवल शूटरों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जेलों में बंद अपराधियों और विदेशों में बैठकर साजिश रचने वाले मुख्य आकाओं को भी कानून के शिकंजे में लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में किसी भी आपराधिक गिरोह को पनपने नहीं दिया जाएगा और दूसरे राज्यों के गैंग यह गलतफहमी न पालें कि वे राज्य में अपराध करके बच निकलेंगे। शुरुआती जांच में इस वारदात के पीछे ‘गोगी गैंग’ का हाथ होने की बात सामने आई है और हत्या की मुख्य वजह एक गाना बताया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शूटरों को असलहे मुहैया कराने वाले तथा उन्हें शरण देने वाले शरणदाताओं को भी चिन्हित कर उन पर सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
वहीं, एनकाउंटर की जानकारी मिलने के बाद मृतक अंकित बालियान के पिता सतबीर सिंह फौजी घटनास्थल पर पहुंचे। शामली के पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह ने पीड़ित परिवार को सांत्वना देते हुए आश्वासन दिया कि मामले में शामिल बाकी अपराधियों को भी जल्द ही गिरफ्तार या ढेर कर दिया जाएगा। इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए अंकित के पिता ने योगी सरकार और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि दो शूटरों के मारे जाने से उन्हें न्याय की आस जगी है, लेकिन अभी इंसाफ अधूरा है; जब तक हत्याकांड में शामिल सभी आरोपियों और साजिशकर्ताओं का खात्मा नहीं हो जाता, तब तक परिवार को पूर्ण न्याय नहीं मिलेगा।

