जनेश्वर मिश्र जयंती पर सपा का शक्ति प्रदर्शन: अखिलेश बोले—’PDA में P का मतलब पंडित भी’, 2027 में सत्ता परिवर्तन तय

Anoop

August 5, 2026

समाजवादी विचारक और पूर्व केंद्रीय मंत्री ‘छोटे लोहिया’ जनेश्वर मिश्र की जयंती पर बुधवार को सपा ने किया शक्ति प्रदर्शन

जनेश्वर मिश्र पार्क में प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पार्टी मुख्यालय पर किया ‘प्रबुद्धजन सम्मेलन’

लखनऊ। समाजवादी विचारक और पूर्व केंद्रीय मंत्री ‘छोटे लोहिया’ जनेश्वर मिश्र की जयंती पर बुधवार को समाजवादी पार्टी (सपा) ने लखनऊ में बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया। जनेश्वर मिश्र पार्क में प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पार्टी मुख्यालय में आयोजित ‘प्रबुद्धजन सम्मेलन’ को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने ब्राह्मण समाज को साधते हुए ‘PDA’ की नई व्याख्या की और 2027 के विधानसभा चुनाव में सत्ता परिवर्तन का दावा किया।

अखिलेश यादव के संबोधन की मुख्य बातें:

  • ‘PDA’ में P यानी पंडित: अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर तंज कसते हुए कहा, जो लोग समय-समय पर PDA की परिभाषा बदलते हैं, वे जान लें कि PDA में ‘P’ का मतलब ‘पंडित’ भी है। ‘PD’ पंडित का ही शॉर्ट फॉर्म है। पंडित समाज को जितना सताया जाएगा, वह उतना ही मजबूत होकर उभरेगा।”
  • 2027 में बदलाव की लहर: सपा प्रमुख ने कहा कि जनेश्वर मिश्र पार्क में बड़े कार्यक्रम की अनुमति न देकर सरकार सोचती है कि वह जनभावनाओं को दबा देगी, लेकिन 2027 में राज्य में बदलाव की आवाज को कोई रोक नहीं सकता। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में PDA से मिली हार के बाद भाजपा पूरी तरह घबरा गई है।
  • छोटे लोहिया को श्रद्धांजलि: अखिलेश यादव सुबह करीब 11:30 बजे जनेश्वर मिश्र पार्क पहुँचे, जहाँ समर्थकों की भारी भीड़ और ‘अखिलेश यादव जिंदाबाद’ के नारों के बीच उन्होंने जनेश्वर मिश्र की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए।

फर्जी एनकाउंटरों की होगी निष्पक्ष जांच: अभिषेक मिश्रा

प्रबुद्धजन सम्मेलन को संबोधित करते हुए सपा के पूर्व मंत्री अभिषेक मिश्रा ने भाजपा सरकार पर ब्राह्मण समाज को निशाना बनाने और कथित फर्जी एनकाउंटर कराने के गंभीर आरोप लगाए।

उन्होंने कहा कि “अगर 2027 में प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है, तो प्रदेश में किसी भी तरह का एनकाउंटर नहीं होगा। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में हुए सभी फर्जी एनकाउंटरों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी। यदि जांच में किसी भी अधिकारी की संलिप्तता पाई जाती है—चाहे वह DGP पद पर ही क्यों न हो—तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर जेल भी भेजा जाएगा।”

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