मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की महत्वपूर्ण बैठक
प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर, किसान कल्याण, सामाजिक सुरक्षा और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े 21 अहम प्रस्तावों पर मुहर
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर, किसान कल्याण, सामाजिक सुरक्षा और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े 21 अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई।
जेवर एयरपोर्ट से गंगा एक्सप्रेसवे तक 6-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे प्रदेश में कनेक्टिविटी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए कैबिनेट ने जेवर एयरपोर्ट से गंगा एक्सप्रेसवे तक (वाया बुलंदशहर) बनने वाले 74.467 किलोमीटर लंबे, 6-लेन प्रवेश-नियंत्रित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के आगणन को स्वीकृति दे दी है। भविष्य में इसे 8-लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा। इसके साथ ही, प्रयागराज और चित्रकूट के समन्वित विकास के लिए ‘प्रयागराज-चित्रकूट क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण’ के गठन को मंजूरी दी गई है। तकनीकी विकास को रफ्तार देने के लिए लखनऊ और नोएडा में अत्याधुनिक ‘यु-हब’ स्थापित किए जाएंगे।
किसानों को फसल बीमा और एचसीएल फाउंडेशन के साथ समझौता किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा देने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 (खरीफ 2026 एवं रबी 2026-27) में पूरे प्रदेश में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना लागू करने के प्रस्ताव को हरी झंडी दिखाई गई है। इसके अतिरिक्त, ग्राम्य विकास विभाग की ‘समुदाय परियोजना’ को सुचारू रूप से चलाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार और मेसर्स एचसीएल फाउंडेशन के बीच 2015 से चले आ रहे समझौते को आगामी 5 वर्षों के लिए विस्तारित करने का फैसला लिया गया है।
‘उत्तर प्रदेश घुमंतू विकास बोर्ड’ का गठन व अन्य कल्याणकारी योजनाएं सामाजिक समरसता को बढ़ावा देते हुए कैबिनेट ने विमुक्त, घुमंतू एवं अर्ध-घुमंतू समुदायों के उत्थान के लिए ‘उत्तर प्रदेश घुमंतू विकास बोर्ड’ के गठन को मंजूरी दी है। वहीं एमएसएमई विभाग के तहत ‘विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0’ के मार्गदर्शी सिद्धांतों में संशोधन और नए परिव्यय को स्वीकृति दी गई है।
मदरसा एक्ट में संशोधन व प्रशासनिक सुधार माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्णय के अनुपालन में ‘उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद अधिनियम, 2004’ में प्रथम संशोधन को मंजूरी दी गई। श्रम विभाग के अंतर्गत ‘उत्तर प्रदेश मजदूरी संहिता नियमावली, 2026’ के प्रख्यापन और ‘उत्तर प्रदेश शीरा नियंत्रण (संशोधन) विधेयक, 2026’ को विधान मंडल में पेश करने की स्वीकृति मिली है।
अनुपूरक अनुदान और सीएजी रिपोर्ट वित्तीय व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कैबिनेट ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के अनुपूरक अनुदान व विनियोग विधेयक को अपनी मंजूरी दे दी है। साथ ही, सीएजी (CAG) की वर्ष 2026 की विभिन्न लेखापरीक्षा रिपोर्टों को विधान मंडल के समक्ष रखने से पहले राज्यपाल की अनुमति प्राप्त करने के प्रस्ताव को हरी झंडी दिखाई गई।

